जबलपुर। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखेंगे। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होते ही मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की 28 साल पुरानी तपस्या पूरी हो जाएगी। बुजुर्ग महिला राम मंदिर निर्माण को लेकर पिछले 28 सालों से उपवास कर रही है। बुजुर्ग महिला ने 28 साल पहले संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो जाता तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेगी। उनका संकल्प इतना मजबूत है कि साल 1992 के बाद से वह लगातार उपवास कर रही है।
दरअसल जबलपुर के विजय नगर इलाके की रहने वाली 87 वर्षीय उर्मिला चतुर्वेदी को पिछले 28 सालों से राम मंदिर बनने का इंतजार है। साल 1992 में जब अयोध्या की भूमि पर कारसेवकों ने विवादित ढ़ांचे को गिराया था और वहां खूनी संघर्ष हुआ तब उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम शुरू ना हो जाए तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेगी।
दरअसल विवादित ढांचा टूटने के देश में हुए खून खराबे से उर्मिला चतुर्वेदी बेहद दुखी हुईं। तभी उन्होंने संकल्प लिया था कि जब देश में भाईचारे के साथ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा तभी वह अन्न खाएगी। पिछले 28 सालों से उर्मिला ने अन्न का त्याग किया हुआ है। तब से ही वे फलाहार के साथ राम नाम जपते हुए उपवास पर हैं।
पिछले साल 9 नवंबर को जब सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में फैसला सुनाया था तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा था। उर्मिला का कहना था है कि अन्न का त्याग करने के कारण वह रिश्तेदार और समाज से भी दूर हो गईं। लोगों ने कई बार उन पर उपवास खत्म करने का भी दबाव बनाया। बहुत सारे लोग ऐसे भी थे कि जिन्होंने उनके आत्मविश्वास और साधना की तारीफ भी की और उन्हें कई बार सार्वजनिक मंच से सम्मानित किया गया।
वहीं परिजनों का कहना है कि इतनी बुजुर्ग होने के बावजूद भी उनके अंदर ऊर्जा की कमी नहीं है। हालाँकि उम्र के इस पड़ाव में आकर वह कुछ कमजोर जरूर हो गई है लेकिन राम मंदिर निर्माण की खबर सुनते ही उनका आत्मविश्वास और उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
