रतलाम। टूटी-फूटी उजड़ी इमारत में जीवन यापन कर रही 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कोरोना संकट में सरकार को पांच लाख रुपए का दान दिया है। उन्होंने कहा कि मकान को सुधार कर क्या करुँगी। यह पैसा गरीबों और जरुरतमंदों के काम आएगा।
रतलाम के पाश रहवासी क्षेत्र मित्र निवास बैंक कॉलोनी में टूटी-फूटी उजड़ी इमारत में रह रही पुष्पलता शर्मा ने समाज के सामने नई मिसाल पेश की है। 90 वर्षीय पुष्पलता शर्मा ने कोरोना संकट की घड़ी में सरकार को पांच लाख रुपए का दान दिया है। उनके पति रेलवे थे, जिनका निधन हो गया है। वह खुद एक रिटायर्ड शिक्षिका हैं। पुष्पलता ने पति और खुद की पेंशन में से बचाकर पांच लाख रुपए दान किए हैं। उनका कहना है कि अब कितने दिन जीना है, किसके लिए जीना है, इसलिए सेवा कर मदद की है। ये पैसे मेरे और मेरे पति की जमा पेंशन के हैं, जो जरुरतमंदो और गरीबों के काम आएँगे।
बता दे कि पुष्पलता शर्मा जिस मकान में रहती हैं, वहां एक कमरे को छोड़कर बाकी कमरों में ताले लगे हुए हैं। वह एक कमरे में भगवान की भक्ति करते हुए जीवन के बचे हुए दिन गुजार रही हैं। उनके रिश्तेदार तो है, लेकिन कहीं कोई मतलब नहीं रखता। जब उन्हें कोरोना संकट के बारे में पता चला तो उन्होंने भी पांच लाख रुपए का दान करने का फैसला लिया। यह बात उन्होंने पड़ोस में रहने वाले महेंद्र पटवा को बताई और फिर कलेक्टर से चर्चा करके पांच लाख रुपए दान कर दिए। जब उनसे दान करने की वजह पूछी गई तो कहती है कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के लिए इतना कर रहे हैं तो हम क्यों नहीं करते।
वैसे तो कोरोना के कहर में कई समाज सेवियों का जमावड़ा है, लेकिन पुष्पलता शर्मा जैसे गुमनाम चहरे भी है, जो प्रचार और स्वार्थ से कोसो दूर है। ऐसी सेवा वास्तविक सेवा है, इस सेवा को नमन।
