मंडला। लॉकडाउन के कारण अपने पति और बच्चों के साथ गांव जा रही गर्भवती महिला को वीरान जंगल में नवजात को जन्म देना पड़ा। यही नहीं नवजात सहित पूरा परिवार रातभर जंगल में ही रुका रहा। सुबह होने के बाद परिवार एक गांव में पहुंचा, जहां महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दरअसल कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में मजदूर अपने घरों से दूर कहीं फंस गए हैं। ऐसे में मजदूर अपने घर जाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। ऐसा ही एक मजदूर विश्राम मरावी पिता मूंसी मरावी अपनी गर्भवती पत्नी संगीता बाई और दो बच्चों के साथ जबलपुर से मोहगांव के गांव रमपुरी के लिए रवाना हुआ। लॉकडाउन के कारण वाहन नहीं मिलने से सैकड़ों किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा।
कालपी के पास जंगलिया गांव के पास वीरान जंगल में अचानक महिला के पेट में दर्द शुरू हो गया। महिला ने पति ने मदद के लिए आसपास पता किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस बीच महिला ने जंगल में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद परिवार ने रात जंगल में ही काटने का फैसला लिया। सुबह होने के बाद परिवार फिर लगभग 20 किलोमीटर पैदल चलकर निवास ब्लॉक के पिपारियां गांव पहुंचा। यहां उन्होंने ग्रामीणों को पूरी व्यथा बताई। इसके बाद महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
