भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दो अस्पतालों के बीच हुई उलझन में एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की जान चली गई। एक अस्पताल ने मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया तो दूसरे अस्पताल की एंबुलेंस का ड्राईवर मरीज को पार्किंग एरिया में जमीन पर ही पटककर चला गया। करीब 20 मिनट तक मरीज जमीन पर ही पड़ा रहा। जब तक अस्पताल के स्टाफ मरीज की सुध लेते, उसकी जान जा चुकी थी।
दरअसल बिजली कंपनी के लाइन इंस्पेक्टर 59 वर्षीय वाजिद अली को 13 दिन पहले पीपुल्स हाईटेक हॉस्पिटल मालवीय नगर में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। पीपुल्स हाईटेक हॉस्पिटल में कोविड-19 का इलाज नहीं होता है। ऐसे में सोमवार शाम को चिरायु अस्पताल से एंबुलेंस उन्हें लेने के लिए आई।
चिरायु अस्पताल से आई एंबुलेंस मरीज वाजिद अली को लेकर चली गई, लेकिन रास्ते में तबीयत बिगड़ती लगी तो ड्राईवर वापस एंबुलेंस लेकर पीपुल्स हाईटेक हॉस्पिटल पहुंचा, लेकिन हॉस्पिटल ने वापस मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया। साथ ही स्ट्रेचर भी नहीं दिया।
इस पर एंबुलेंस ड्राईवर मरीज को पार्किंग एरिया में ही पटककर चला गया। इसके बाद हॉस्पिटल के दो कर्मचारी पीपीई किट में ऑक्सीजन लेकर आए और मरीज को स्ट्रेचर पर लेटाया। उन्होंने सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थीं। इसके बाद रात 8 बजे वापस चिरायु अस्पताल की दूसरी एंबुलेंस आई और शव ले गई। इस पूरे मामले में सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी ने कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने का कहा है।
वहीं मृतक के बेटे का कहना है कि मैं पीपुल्स हॉस्पिटल में बिल का भुगतान करने के बाद अपनी मां के साथ घर चला गया था। हम एंबुलेंस में साथ जाना चाहते थे, लेकिन हमें नहीं जाने दिया गया। घर पहुंचने के बाद हमें खबर मिली कि पिता को वापस पीपुल्स हॉस्पिटल लाया गया है। जब मैं पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचा तो मुझे पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद चिरायु अस्पताल पहुंचा तो पिता के इंतकाल होने की खबर मिली। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि वह ही पिता के शव को सुपुर्दे खाक करेंगे। हमें आखिरी बार उन्हें देखने तक नहीं दिया गया।
दूसरी तरफ चिरायु हॉस्पिटल के प्रबंधक और पीपुल्स हाईटेक हॉस्पिटल के प्रबंधक एक-दूसरे पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। चिरायु हॉस्पिटल के डायरेक्टर का कहना है कि मरीज को इंक्यूबेट करने की जरूरत लगी तो रास्ते से वापस एम्बुलेंस पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंची थी। पीपुल्स को इसके बारे में जानकारी दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने मरीज को भर्ती नहीं किया। वहीं पीपुल्स हाईटेक हॉस्पिटल के मैनेजर का कहना है कि हमारे हॉस्पिटल में कोविड-19 का इलाज नहीं होता है। चिरायु की एंबुलेंस बीच रास्ते से लौट आई। हो सकता है रास्ते में ही जान चली गई हो। एंबुलेंस में ऑक्सीजन तक नहीं थी।
