नीमच। बारिश की लंबी खेंच के चलते मध्यप्रदेश के कई इलाकों में खरीफ की फसल बर्बाद हो गई हैं। इस कारण किसानों को मजबूरन दोबारा बोवनी करनी पड़ रही हैं। इससे कोरोना संकट में किसानो को दोहरी मार झेलनी पड़ रही हैं।
मध्यप्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में ही करीब 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल बर्बाद हुई है। खेतो में बोई गई सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित अन्य खरीफ की फसलों के बीज खेत में ही सड़ कर ख़राब हो गए हैं। ऐसे में किसानों को फिर से खाद-बीज खरीदकर बोवनी करनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
बता दे कि जिले में 24 जून को बारिश हुई थी। जिसके बाद किसानों ने खेतों में बोवनी कर दी थी। लेकिन इसके बाद करीब 15 दिनों तक बारिश नहीं हुई। इस कारण बीज अंकुरित ही नहीं हुए और फसल बर्बाद हो गई। इसके बाद किसानों ने 1500 हेक्टेयर क्षेत्र भूमि में ट्रेक्टर से हंकाई करवा दी। अब किसान ने दोबारा अपने खेतों में बोवनी करने का निर्णय लिया है।
क्षेत्र के एक किसान का कहना है कि 24 जून को बारिश के बाद 5 बीघा में मूंगफली की फसल बोई थी। बारिश नहीं होने के कारण खेत में ही बीज सड़ गए हैं। मैं कर्ज लेकर बीज लाया था, लेकिन वह बर्बाद हो गया। इससे काफी नुकसान हुआ है।
वहीं दूसरे किसान का कहना है कि महंगे भाव में बीज खरीदकर बोवनी की थी। 12 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण 10 बीघा खेत की फसल बर्बाद हो गई है। प्रशासन को मुआयना करने मुआवजा देना चाहिए।
