भोपाल। रीवा के सोलर प्लांट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर मप्र में सियासी संग्राम छिड़ गया है। एक तरफ कांग्रेस जहाँ पीएम मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगा रही है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा, कांग्रेस को मंदबुद्धियों की पार्टी बता रही है।
दरअसल शुक्रवार रीवा के सोलर प्लांट के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा दिए गए दो बयानों पर विवाद छिड़ गया है। अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि रीवा की पहचान नर्मदा नदी से है। जबकि अन्य बयान में उन्होंने रीवा के सोलर प्लांट को एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट बताया था।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के दोनों को बयानों को झूठा बताया है। मप्र कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा कि, ‘मोदी जी का एक और झूठ- मोदी जी ने कहा- – नर्मदा नदी का रीवा से नाता है। हक़ीक़त- – नर्मदा नदी का रीवा से कोई सम्बन्ध नहीं है। नर्मदा नदी रीवा से 388 किलोमीटर दूर है।‘
इसके जवाब में भाजपा ने कुछ जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि, ‘ऐसा लगता है कि कांग्रेस को भारत का सिर्फ उतना ही इतिहास पता है, जितना उनके नाना नेहरू “भारत एक खोज” में लिख गये हैं। उनके इस अधूरे ज्ञान को पूरा करने के लिये शासकीय गजेटियर यहां प्रस्तुत है। ताकि उन्हें रीवा, रेवा (नर्मदा) और रेवाखण्ड में संबन्ध समझ आ सके।’
इसी तरह एक अन्य ट्वीट में मप्र कांग्रेस ने लिखा है कि, ‘मोदी के झूठ में हुई बढ़ोतरी, — रीवा के सोलर पार्क को बताया सबसे बड़ा; सच ये है- 1- 2245 MW जोधपुर, राजस्थान 2- 2000 MW पवागढ़ा, कर्नाटका 3- 1000 MW कुरनूल, आंध्र प्रदेश 4- 750 MW रीवा, मध्य प्रदेश मोदी जी, धीरे-धीरे सच बोलने की प्रैक्टिस क्यों नहीं करते?’
इसके जवाब में भाजपा लिखा कि, ‘जब किसी पार्टी की कमान मंदबुद्धियों के हाथ में आ जाती है तो क्या पूरी पार्टी मंदबुद्धि हो जाती है? सोलर प्लांट से सोलर पार्क की तुलना करना वैसा ही है, जैसे किसी देश से महाद्वीप की तुलना करना। वैसे यह भी आपको समझ नहीं आएगा इसलिए साथ में ग्राफिक संलग्न है।‘
