शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में सरकारी कागजों में बंद हो चुकी मझेरा पत्थर खदान से जमकर अवैध उत्खनन हो रहा है। पत्थर माफिया यहां पर अवैध उत्खनन का पत्थर काटने में लगा जबकि जिम्मेदार किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में आला अधिकारियों की चुप्पी समझ से परे है।
दरअसल मझेरा पत्थर खदान से सफेद एक्सपोर्ट क्वालिटी का पत्थर निकलता है। इस कारण इस पत्थर पर हमेशा से अवैध उत्खनन माफियाओं की नजरें रही हैं। पत्थर माफिया यहां पर अवैध उत्खनन कर रहे हैं जबकि वन विभाग, राजस्व, माईनिंग सहित पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। इस अवैध उत्खनन पर वन विभाग और राजस्व का संरक्षण बताया जा रहा है। ख़ास बात यह है कि यह खदान वन क्षेत्र में स्थित और जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर होने के बावजूद वन विभाग के आला अधिकारी भी इस मामले में कुछ नहीं कर रहे हैं।
पत्थर माफिया द्वारा मझेरा खदान के सफेद पत्थर को काटकर यहां पर रिजर्व फॉरेस्ट को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सर्वे क्रमांक 314 व 316 में कोई खदान स्वीकृत नहीं है लेकिन इस क्षेत्र के आसपास और जंगल में जमकर अवैध उत्खनन हो रहा है। रात के समय यहां से ट्रक व अन्य गाड़ियों में पत्थर भर फैक्ट्रियों पर खनन माफिया पहुंचा रहे हैं। जिले के जंगलों में कटाई और अवैध खनन के कारण पहले से ही जिला मुख्यालय के वन अधिकारी आरोपों के घेरे में हैं और अब मझेरा में खुलेआम अवैध उत्खनन के बाद यह बात सिद्ध हो गई है कि यहां पर सारा काम मिलीभगत से हो रहा है।
झांसी रोड पर नेशनल पार्क सीमा से सटे एक होटल संचालक की इस अवैध उत्खनन में महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां पर जो होटल खोला गया है वह अवैध है इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी इस पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। साथ ही रात के समय मझेरा से अवैध उत्खनन पत्थर ट्रक व टैक्टर ट्रॉलियों के जरिए बड़ौदी व अन्य स्टोन फैक्ट्रियों पर भेजा जा रहा है। इसकी न कोई रॉयल्टी और न ही इसका कोई राजस्व दिया जा रहा है।
