उज्जैन। उज्जैन एसटीएफ ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का रिश्तेदार बताकर धोखाधड़ी करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 100 से अधिक चेक बुक और लाखों रुपए के फर्जी चेक जब्त किए गए हैं। आरोपी का नाम ज्योतिर्मयी विजयवर्गीय है और वह इंदौर का रहने वाला है। उस पर इंदौर के दो थाना क्षेत्र सहित मुंबई और उज्जैन में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
दरअसल उज्जैन एसटीएफ को आष्टा के टोल प्लाजा के कर्मचारी से शिकायत मिली थी कि अपने आपको आईपीएस विपिन माहेश्वरी बताने वाला फॉर्चून कार एमपी 04 सीएन 0270 को बिना टोल टैक्स दिए पास कराने और अपना रुतबा दिखाकर 3, 4 परिचित लोगों को टोल प्लाजा पर नौकरी दिलाने दिलाने की बात कहने वाला संभवत फर्जी आईपीएस अधिकारी है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन एसटीएफ की टीम ने ज्योतिर्मयी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि ज्योतिर्मय अपने आप को आईपीएस अधिकारी और कैलाश विजयवर्गीय का रिश्तेदार बता कर अब तक कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।
आरोपी के घर से एसटीएफ की टीम को 100 से अधिक चेक बुक और लाखों रुपए के चेक भी मिले हैं। साथ ही यह भी जानकारी भी हाथ लगी है कि ज्योतिर्मय के खिलाफ इंदौर के दो थाना क्षेत्र, मुंबई और उज्जैन में पहले से ही मामले दर्ज है। पूछताछ में आरोपी ने एसटीएफ को बताया कि उसने ट्रूकॉलर पर अपनी प्रोफाइल आईपीएस के नाम पर सेव कर रखी थी और इसी का प्रभाव दिखा कर वह लोगों को धमका कर धोखाधड़ी करता था। साथ ही अपने आप को बीजेपी के बड़े नेता कैलाश विजयवर्गीय का रिश्तेदार भी बताता ।
पुलिस इस बात की भी जानकारी ले रही है कि अब तक इसने कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की है और कहां-कहां आईपीएस का रुतबा दिखाकर लोगों को धमकाया है। जिस फॉर्च्यूनर गाड़ी का रुतबा वह लोगों को दिखाता था वह भी उसने धोखाधड़ी से ली थी। उसने 14 लाख रुपए में गाड़ी का सौदा किया था और विक्रता राजीव आर्य इंदौर निवासी को फर्जी चेक पकड़ा दिए थे। आरोपी के खिलाफ थाना भोपाल में धारा 170, 419, 420 और 160 / 20 में केस दर्ज किया गया है।
