धार। मध्यप्रदेश के धार में अपने बेटे को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए पिता को 105 किलोमीटर साईकिल चलाना पड़ी। पिता-पुत्र दो दिन का भोजन लेकर घर से निकले और एक रात रास्ते में रुक कर अगले दिन परीक्षा केंद्र पहुंचे।
दरअसल कोरोना संकट के कारण पिछले कई दिनों से बसे बंद हैं, ऐसे में लोगों को कहीं आने जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। दरअसल ग्राम बयडीपुरा के रहने वाले शोभाराम के बेटे आशीष को 10 कक्षा में पूरक आ गई थी और पूरक परीक्षा का सेंटर पूरे जिले में केवल धार ही बनाया गया है।
कोरोना संक्रमण के चलते बसे अभी चालू नहीं हुई है और इन लोगों को धार पहुंचने के लिए कोई साधन नही मिलने के कारण सायकल से ही ये धार के लिए निकल पडे। दोनों पिता पुत्र सायकल पर अपने साथ दो दिन का खाने पीने का सामान भी ले आए। रात्रि विश्राम उन्होंने मनावर में किया और अगले दिन ये सुबह धार पहुंच गए जहां आशीष ने भोज कन्या विद्यालय में परीक्षा दी।
आशीष के पिता शोभाराम का कहना है कि मैं मेरे बालक को कक्षा दसवीं की परीक्षा दिलाने के लिए सायकल से लाया हूँ। पैसे नहीं है तो क्या करे कोई साधन नहीं है हमारे पास तो सायकल से लाए है। मोटर सायकल नहीं है कोई मदद नहीं करता है। उसकी जिंदगी के लिए लाया हूँ कि थोडा पढ लिख जाए। बस बंद है लॉकडाउन की वजह से इस लिए दिक्कत आई है।
वहीं आशीष कहना है कि वह बयडीपुरा में रहता है और उसे तीन विषय में पूरक आई है और वह उसके पिता के साथ सायकल पर आया है।
