May 4, 2026

कभी चम्बल के बीहड़ों में भय फैलाने वाले अब ऐतिहासिक पुरसम्पदाओं को बचाने आगे आए

भिंड। चंबल के बीहड़ों में कभी जिनकी बंदूकों से भय का माहौल रहता था अब उन्होंने इस क्षेत्र की पुरासंपदा को बचाने के लिए अनोखी पहल की है। भिंड जिले के मेहगांव तहसील में रहने वाले आत्मसमर्पित बागी मोहर सिंह गुर्जर ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से पत्र लिखा है। पत्र में मुरैना में गुर्जर प्रतिहास राजवंश द्वारा निर्मित 9वीं सदी के बटेश्वरा स्थित शिव मंदिरों की शृंखला में शामिल जमींदोज मंदिरों के जीर्णोद्धार का आग्रह किया है। अपने पत्र के जरिए पूर्व दस्यु मोहर सिंह का कहना है कि गुर्जर प्रतिहार राजवंशकालीन यह ऐतिहासिक शिव मंदिर गुर्जर समाज के साथ-साथ इस अंचल के प्राचीन इतिहास की धरोहर है। यह दुर्भााग्य की बात है कि 200 मंदिरों की श्रंखला में से सिर्फ 80 मंदिर ही अभी तक खड़े किए जा सके हैं। शेष मंदिर आज भी अवशेष के रूप में यत्र-तत्र बिखरे पड़े हैं।

एएसआई की अनदेखी

पीएम मोदी को लिखे पत्र के जरिए आत्मसमर्पित बागी मोहर सिंह गुर्जर का कहना है कि इस क्षेत्र में ऐसी प्राचीन धरोहर को आर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) नजरंदाज कर रहा है। 6 सितंबर 2019 को लिखे गए हस्तलिखित पत्र में दस्यु मोहर सिंह गुर्जर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन ऐतिहासिक पुरासंपदाओं के जीर्णोद्धार का अनुरोध किया है।

अटल जी के पिता थे बटेश्वर के निवासी

आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के पिता श्री कृष्ण बिहारी वाजपेई भी बटेश्वर के ही मूल निवासी थे। बताया जा रहा है कि पूर्व दस्यु का पत्र पीएमओ कार्यालय में पहुंचने के बाद अब बटेश्वर मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए दल गठित किया जा रहा है। अब देखना होगा कि पूर्व दस्यु ने जो पुरासंपदा को बचाने का मामला उठाया है उसके लिए सरकार कितनी जल्दी कदम उठाती है।

Written by XT Correspondent

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