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इंदौर में मानव तस्करी के मामले में श्योपुर पुलिस ने मारे ताबड़तोड़ छापे। श्योपुर पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया इसके बाद मानव तस्करी के इंदौर से संचालित हो रहे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक़ प्रदेश के सबसे बड़े चाइल्ड-ट्रैफिकिंग रैकेट का मामला बन सकता है।
श्योपुर पुलिस के मुताबिक़ नेशनल हाईवे-552 पर सोंईकलां के पास सड़क किनारे 18 अप्रैल को मिली 2 साल की मासूम बच्ची मिली थी। बच्ची को इस तरह छोड़ने वाले दंपति आकाश मूंदड़ा (40) और उसकी पत्नी कृतिका (28) को गिरफ्तार किया हैं। पूछताछ में आकाश मूंदड़ा ने स्वीकार किया कि उसने इस मासूम को इंदौर से 1 लाख रुपए में खरीदा था। जबकि उसने पहले कहा था की बच्ची को गोद लिया है। जब बच्ची का सौदा हुआ, तब उसकी उम्र महज 6 दिन थी।
पुलिस को बरगलाने की कोशिश
पुलिस गिरफ्त में आने के बाद पहले आरोपी दंपती खुद को बच्ची का माता-पिता बताकर गोद लेने की बात कह रहे थे। सख्ती से पूछताछ में उन्होंने पैसों से बच्ची खरीदने की बात कबूल कर ली।
ऐसे ख़रीदा बच्ची को
इंदौर में ‘ब्यूटी पार्लर’ चलाने वाली महिला ने इस मासूम का सौदा कराया था। आकाश को बेटी की इच्छा थी। इसीलिए उसने एक लाख रुपए में इस मासूम को खरीद लिया। श्योपुर एसपी सुधीर अग्रवाल ने बताया कि बच्ची को जिससे खरीदा गया था, उसे पकड़ने के लिए टीम इंदौर गई है। इंदौर के जोन2 डीसीपी श्रीकुमार प्रतीक ने बताया कि श्योपुर की टीम आई है।
बच्ची को लेकर असहज हुई पत्नी तो नेशनल हाईवे-552 पर सड़क किनारे छोड़ा।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि बच्ची को खरीदने के कुछ समय बाद ही घर में विवाद शुरू हो गया।पत्नी कृतिका बच्ची को लेकर असहज थी और उसे प्रताड़ित भी करती थी। लगातार क्लेश से परेशान होकर आकाश ने बच्ची को छोड़ने का फैसला किया। मेहंदीपुर बालाजी जाते समय रास्ते में सोंईकलां के पास बस्ती देखकर उसे वहीं छोड़ दिया, ताकि कोई उसे अपना ले।
