May 4, 2026

टापू बने गाँव में ठंडे पड़े चूल्हे, 28 सालों से झेल रहा विस्थापन का दंश

बैतूल। डिजीटल इंडिया के इस दौर चमचमाते शहरों से दूर प्रदेश का एक गाँव विकास से कोसो दूर है। यह गाँव  बारिश के दिनों में टापू बन जाता है। ऐसा लगता है जैसे किसी ने पूरे गाँव को कैद कर दिया हो। न कोई गाँव से बाहर जा पाता है और न ही कोई गाँव के अंदर आ पता है। न्यू इंडिया को मुंह चिढ़ाते इस गाँव का नाम है हेटी। बैतूल जिले में स्थित इस गाँव के 90 परिवारों का विस्थापन पूरे 28 सालों बाद भी नही हो पाया। बारिश के कारण आज गाँव चारो तरफ से पानी से घिर चुका है। बुजुर्ग से लेकर नौजवान और महिला सभी अपने आप को कैद में महसूस कर रहे हैं। परिवार का मुखिया के सामने परिवार के पेट पालने का संकट खड़ा हो गया है।  गाँव का युवा रोजगार और व्यवसाय करने के लिए तरस रहा है। गाँव के बच्चे शिक्षा से महरुम हैं। लेकिन सरकारी तंत्र को तो जैसे इनसे कोई सरोकार ही नहीं है। गाँव के बुजुर्ग बताते हैं कि साल 1991 से हर साल इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। सरकारी मुलाजिमों से आश्वासन तो बहुत मिले लेकिन विस्थापन कभी नहीं मिला। हर साल गांव के तीन तरफ मौजूद अंभोरा, ताप्ती और तवा नदी सहित एक नाले में बाढ़ आने के बाद पूरा गांव टापू में तब्दील हो जाता हैं। इस साल भी किसानों के खेतों में पानी भर जाने के कारण खरीफ की फसल भी बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरूरत की सामग्री लेने नहीं जा पा रहे हैं। गाँव के घरों में चूल्हा भी ठंडा पड़ने लगा है। गांव के समीप पारस डोह डेम का निर्माण किया गया है। भारी बारिश के कारण जब डेम से पानी छोड़ा जाता है तो पूरा गांव दहशत में आ जाता है। साल 1991 में गाँव के पास बना चंदोरा डेम अचानक फूट गया था। इससे हुई भारी तबाही के बीच बोरगांव के 28 परिवार अपने-अपने खेतों में मकान बनाकर रहने लगे और अपने गांव को हेटी का नाम दे दिया। इस घटना में कई किसानों की जमीनें डूब क्षेत्र में चली गई। लेकिन उन्हें आज तक इसका मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर इसी मुलताई विधानसभा के विधायक और प्रदेश के पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे से भी गुहार लगाई लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई। इन 28 सालों में सरकारें तो कई बदली लेकिन इन लोगों के हालात नहीं बदले। 2018 में तत्कालीन कलेक्टर शशांक मिश्र ने विस्थापन के संबंध में पत्र भी लिखा था लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। मौत के मुहाने पर खड़े ग्रामीणों को लेकर जिला प्रशासन का कहना है कि अधिकारियों को हालातों का जायजा लेने मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों से विस्थापन संबंध में चर्चा करने के बाद विस्थापन की कार्यवाही जल्द शुरू की जाएगी। फ़िलहाल जिला प्रशासन आश्वासन तो दे रहा है लेकिन इस समस्या का हल निकल पाएगा या नहीं कहना  मुश्किल है।
Written by XT Correspondent

bettilt giriş bettilt giriş bettilt pin up pinco pinco giriş bahsegel giriş bahsegel paribahis paribahis giriş casinomhub giriş rokubet giriş slotbey giriş marsbahis giriş casino siteleri