नरसिंहपुर। बिहार के आनंद कुमार को तो हम सभी जानते ही है। सुपर 30 नाम से कोचिंग चलाने वाले आनंद कुमार गरीब बच्चों को निःशुल्क आईआईटी के लिए प्रशिक्षण देते है। प्रदेश में एक ऐसी संस्थान है जो सुपर 30 की तर्ज पर 30 अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देती है। बीते दिनों इस संस्थान के 30 अभ्यर्थियों में से 25 अभ्यर्थियों का रेलवे के लोको पायलट में सिलेक्शन हुआ है। इसके अलावा संस्थान के कई अभ्यर्थी पटवारी से लेकर अन्य शासकीय विभाग में अपनी सेवा दे रहे हैं।
नरसिंहपुर प्रशासन द्वारा जनभागीदारी से संचालित की जा रही इस संस्थान का नाम है उड़ान। इसमें गरीब और निर्धन होनहार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आईटीआई, पीएससी, संविदा जैसे तमाम स्वाबलंबी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। ख़ास बात यह है कि यह काम किसी बिना सरकारी खर्चे के पूरी तरह से जनभागीदारी से किया जाता है। इसमें कलेक्टर से लेकर जिले के तमाम आला अधिकारी न केवल अपने अनुभव साझा करते है बल्कि अभ्यर्थियों को शैक्षणिक तौर पर प्रशिक्षण भी देते है।
उड़ा की निःशुल्क क्लासेस में संसाधनों की भी कोई कमी नही है। अभ्यर्थियों के लिए कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और लाइव डिस्कर्स डेक्स की व्यवस्था जनभागीदारी से की गई है। यहां शिक्षा और मार्गदर्शन देने वाले प्रशिक्षणार्थी भी खास है। कभी कलेक्टर तो कभी सीईओ तो कभी डिप्टी कलेक्टर, आरटीओ और अन्य तमाम आला अफसर आकर स्टूडेंट्स को पढ़ाते है। साथ ही प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर भी यहां बिना शुल्क लिए सेवा भावना से प्रशिक्षण देते है।
प्रशासन की इस पहल के सुखद परिणाम भी सामने आ रहे हैं। 30 स्टूडेंट्स के प्रशिक्षण में से 25 को लोको पायलट से लिये चुना जाना इसका अनुपम उदाहरण है। साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी कई अभ्यर्थियों का चयन अब तक हो चूका है।
लोको पायलट के लिए टॉपर होकर चयनित हुई रश्मि कोष्टि बताती है कि वह गरीब परिवार से है और प्राइवेट कोचिंग की मोटी फीस भरना सम्भव नही था। आज उड़ान के निःशुल्क सुपर 30 बैच की बदौलत अपना सपना साकार करने जा रही है। ऐसा ही कुछ हाल दूसरी चयनित प्रतिभागी अलका विश्वकर्मा का भी है।
उड़ान के प्रभारी बताते है कि इस संस्थान का शुभारंभ 6 मार्च 2017 को हुआ है। सुपर 30 के नाम से बनाया गया पृथक बैच में 30 में से 25 स्टूडेंट्स का लोको पायलट में चयन हुआ है। इसके अलावा बहुत से स्टूडेंट्स पटवारी, हवलदार और पीएससी के लिए सिलेक्ट हो चुके है। अब यह संस्थान यूपीएससी और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की भी निःशुल्क क्लासेस आरंभ कर रहा है।
प्रशासन की इस पहल ने देश को एक संदेश भी देने का काम किया है कि सिर्फ सरकारी खर्चे दम पर ही केवल समाज के लिए आदर्श और भावी पीढ़ी का भविष्य नही निखारा जा सकता बल्कि एक सकारात्मक सोच भी समाज को नई दिशा दे सकती है।
