खंडवा। ओंकारेश्वर बाँध में पूर्ण जलभराव और बग़ैर पुनर्वास डूब के विरोध में खंडवा जिले के कामनखेड़ा गांव में लगातार 11 दिनों से चल रहे जल सत्याग्रह को लेकर आख़िरकार राज्य सरकार की नींद टूटी है। राज्य सरकार की तरफ़ से पुनर्वास आयुक्त पवन शर्मा आज ग्राम कामनखेड़ा में आकर जल सत्याग्रहियों से मुलाक़ात करेंगे।
दरअसल प्रदेश की कमलनाथ सरकार की ओर से पुनर्वास आयुक्त पवन शर्मा कामनखेड़ा आ रहे है। पवन शर्मा दोपहर 12 बजे तक कामनखेड़ा पहुंचेंगे। वह यहाँ जल सत्याग्रहियों से मुलाकात करेंगे और उनकी मांगे सुनेंगे।
बता दे कि लगातार पानी में रहने के कारण जल सत्याग्रह कर रहे प्रभावितों के पैरों की चमड़ी गलने लगी है। उनके पैरों से खून निकलने लगा है। उनके शरीर में दर्द और खुजली सहित कई तरह की समस्या हो रही है। इसके बावजूद वह अपनी मांगे माने जाने तक जल सत्याग्रह खत्म नहीं करना चाहते थे।
सत्याग्रहियों की मांगे
बांध का जलस्तर 196.60 मीटर तक पहुँच गया तो क्षेत्र के कई गाँव टापू में तब्दील हो जाएँगे। विस्थापितों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पुनर्वास पूरा होने के बाद ही ओंकारेश्वर बांध में जल स्तर को बढ़ाया जाए, लेकिन बिना पुनर्वास बांध में लायी जा रही डूब पूर्णतः गैर कानूनी, असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है। विस्थापितों की मांग है कि पानी का स्तर वापस पूर्व के स्तर 193 मीटर पर लाया जाए और विस्थापितों के सम्पूर्ण पुनर्वास के बाद ही बांध में पानी भरा जाये।
