भोपाल। सीहोर जिले में अवैध रेत उत्खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी ने कलेक्टर की नाकामी गिनाई है। चर्चा इस बात को लेकर भी है कि जिले के मुखिया और यहाँ से ताल्लुक़ रखने वाले एक मंत्री की साँठगाँठ से कारोबार बेरोक टोक चल रहा है। संदेह इससे और भी गहरा जाता है कि नए कलेक्टर के आने के बाद अवैध रेत परिवहन करने वाले वाहनों को राजसात की कार्रवाई भी नही की गई। अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई के आँकड़ों में भी भारी गिरावट आई है।
प्रशासन पर आरोप है कि रेत माफिया जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में सीहोर की नसरुल्लागंज की में जमकर अवैध उत्खनन होता नजर आ रहा है। वहीँ खनिज विभाग औपचारिकता पूरी करने के लिए पांच डंपर पकड़ कर अपनी वाहवाही लूटने में लगा हुआ है। आरोप यह भी है कि खनिज विभाग की मिलीभगत से खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है। यह सब जिला प्रशासन के अधिकारी के संरक्षण में चल रहा है।
सीहोर के कलेक्टर अजय गुप्ता को यहाँ आए हुए चार महीने हो चुके है, लेकिन उनके आने के बाद से अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई के आँकड़ों में भारी गिरावट आई है। खबर यह भी है कि प्रदेश के ही एक मंत्री रेत माफियाओं को खुला संरक्षण दे रहे है। भोपाल से ताल्लुक़ रखने वाले मंत्री जी कि कई खदानों में पार्टनरशीप की ख़बरें भी ज़ोरों पर हैं। मंत्री जी रेत कारोबार में एक छत्र राज चलाना चाहते हैं।
पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने भी इस मामले को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीहोर का जिला प्रशासन इस काबिल नही है कि वह रेत के अवैध खनन को रोक सके। उन्होंने कहा है कि, “मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से इस मामले में बात करूँगा और उन्हें सुझाव दूंगा कि एक नई विशेष अथॉरिटी बनाई जाए और विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाए जो रेत के अवैध खनन को लेकर ही कार्य करे।”
