सतना। रोज़ रोज़ की पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर सोमवार को एक बस मालिक ने जहर खा लिया। बस मालिक को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जहर खाने से पहले बस मालिक ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें एक डॉक्टर और पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हडकंप मच गया है।
बस मालिक का नाम संजय तिवारी है और वह नागौद का रहने वाला है। उसने खुद को पकड़ने आई पुलिस के सामने जहर खा लिया। आनन फानन में संजय तिवारी को सतना जिला अस्पताल लाया गया।
दरअसल संजय ने साल 2017 में नागौद के डॉक्टर बालमुकुंद विश्वकर्मा को 08 लाख 60 हजार उधार दिया था। इसकी बाकायदा लिखा पढ़ी की गई थी। डॉक्टर ने कुछ पैसा वापस करने के बाद पैसा नही दिया। इसको लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
पीड़ित का कहना है कि डॉक्टर बालमुकुंद ने पहले फर्जी दस्तावेज तैयार लिए और फिर पुलिस की मिलीभगत से उसके ऊपर 420 का फर्जी मुकदमा कायम करा दिया। संजय तिवारी नागौद के प्रतिष्ठित बस ऑनर है। उसने गिरफ्तारी और बेइज्जती से बचने के लिये एफआईआर को हाईकोर्ट में चैलेंज कर दिया।
दूसरी तरफ पुलिस ने पोल खुलने के डर से नागौद पुलिस सोमवार सुबह चार बजे संजय तिवारी को गिरफ्तार करने घर मे घुस गई। पुलिस से काफी दिनों से प्रताड़ित संजय तिवारी ने ने पुलिस के सामने ही कीटनाशक पी लिया। पुलिस पर पूरे मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया जा रहा है।
नागौद पुलिस की इस हरकत से जिले के बस मालिक एसोसिएशन लामबंद होने लगा है। सतना पुलिस मामले में बैकफुट पर आ गई है।
