इंदौर। जिला कोर्ट इंदौर ने अपने ससुराल वालों से लाखों रुपए ऐंठने वाली 420 बहु और उसके पिता के विरुद्ध धोखाधड़ी की गैर जमानतीय धारा में अपराध दर्ज किया है। युवती और उसके पिता पर आरोप है कि उन्होंने युवती की पहले की शादी को छुपाया और पीड़ित परिवार से शादी के खर्च के नाम पर लाखों रुपए हड़प लिए। धोखाधड़ी करने के बाद युवती ने उल्टे पीड़ित परिवार को ही दहेज़ प्रताड़ना के मामले में फसा दिया था।
दरअसल आरोपी युवती अपूर्वा जैन निवासी कृष्णपुरा पीर गली इंदौर का विवाह विज्ञापन साल 2017 में प्रकाशित हुआ था। सुखलिया निवासी पीड़ित रूपेश जैन ने अपने परिवार सहित अपूर्वा के परिवार से संपर्क साधा और उनके द्वारा दी गई जानकारी को सच मानकर विवाह तय हुआ। 26 अप्रैल 2018 को रूपेश और अपूर्वा का विवाह तय हुआ। शादी के चार से पांच दिन पहले अपूर्वा और उसके पिता ने पीड़ित परिवार से शादी के खर्च के नाम पर चार लाख रुपए चेक के माध्यम से और दस लाख रुपए नकद लिए थे।
शादी के कुछ दिनों बाद रूपेश को अपूर्वा ने बातों ही बातों में उसके पहले की शादी के बारे में बता दिया। यह खबर सुन रूपेश के होश उड़ गए। उसने अपूर्वा के परिवार से उसके पुराने विवाह की पूरी जानकारी मांगी तो वह बात को टाल कर दबाव बनाने लगे। इस पर रुपेश ने अपने स्तर पर छानबीन की और अपूर्वा के तलाक की जानकारी न्यायालय से निकलवाई। जब रूपेश ने अपूर्वा और उसके परिवार वालो से इसको लेकर सवाल-जवाब किया तो उन्होंने रूपेश और उसके माता-पिता पर दहेज़ का झूठा केस दर्ज करवा दिया। साथ ही अपूर्वा के परिचितों ने घर में घुसकर रुपेश का कंधा तोड़ दिया था।
इसके बाद रुपेश ने कुटुम्ब न्यायालय इंदौर में अपूर्वा के खिलाफ न्यायिक पृथकीकरण का केस दर्ज करवाया। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपित पत्नी और मायके वालो के विरुद्ध धोखाधड़ी की धारा में शिकायत की। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आख़िरकार रुपेश ने अपूर्वा और उसके परिवार वालों के खिलाफ जिला कोर्ट इंदौर में न्याय की गुहार लगाई।
इस पर जिला कोर्ट इंदौर ने अपूर्वा जैन और उसके पिता को प्रथम दृष्टया आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 भारतीय दंड संहिता में गैर जमानतीय धारा में अपराध दर्ज किया।
