भोपाल। देश के सबसे पुराने और चर्चित अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर तक अपना फैसला सुना सकता है। संभावित फैसले को देखते हुए मध्य प्रदेश कई जगह अलर्ट जारी कर दिया गया है। शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार सभी पुलिकर्मियों की छुट्टी पहले ही रद्द कर चुकी है।
दरअसल अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई खत्म हो गई है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट 17 नवंबर तक फैसला सुना सकता है। इस जमीन से हिन्दू और मुस्लिम समाज की आस्था जुड़ी होने के कारण देश भर में माहौल गर्म है। ऐसे में प्रदेश में शांति-सौहार्द और कानून व्यवस्था रहे इसके लिए कई प्रयास किए जा रहे है।
प्रदेश के सभी पुलिस के जोन के डीआईजी लोकल स्तर पर सुरक्षा इंतजामों के लिए अधिकृत किए गए हैं। मंदिरों और मस्जिदों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। कई इलाकों में लोगों की ख़ुफ़िया तरीके से तैनाती की गई है।
संभावित फैसले को लेकर राजगढ़ जिले को अति संवेदनशील मानते हुए जिला कलेक्टर निधि निवेदिता ने राजगढ़ जिले में धारा 144 लागू कर दी है। जिले में प्रशासन के द्वारा जगह-जगह फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। इसे एसपी-कलेक्टर खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी खास नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह के धरना, आंदोलन प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।
खंडवा में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिसकर्मियों को बताया जा रहा है कि बवाल होने की स्थिति में किस तरह से निपटा जाए। थाना स्तर पर सरप्राईज ड्रील की जा रही है।
अयोध्या भूमि विवाद को लेकर पेटलावद पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मूड पर आ गया है। किसी भी स्थिति में दंगाइयों और बलवाइयों से निपटने के लिए बलवा ड्रिल कराया गया है। कॉलेज मैदान में हुई ड्रिल में हवाई फायरिंग और अश्रुगैस के गोले छोड़े गए। इसके अलावा पुराने हो चले हैंड ग्रेनेड को बदलवाने के आदेश दिए गए है।
आगर मालवा में भी अयोध्या फैसले को लेकर धारा 144 लागू कर दी गई है। फैसले के पहले जिले के कलेक्टर, एसपी बैठके कर रहे है। होटल, लाज, बेंड, डीजे, पेट्रोल पंप आदि संचालकों के साथ प्रशासन बैठक कर रहा है। जिले में कई जगहों पर CCTV कैमरे लगाने का निर्णय किया गया है। DJ और बैंड पर बेन दिया गया है।
प्रदेश के डिंडौरी में भी अयोध्या फैसले को लेकर धारा 144 लागू कर दी गई है। इसी के साथ ही सोशल मीडिया साइड पर आपत्तिजनक पोस्ट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
