रतलाम। रतलाम जिले के कलेक्टर और एसपी इन दिनों अपनी नई भूमिका के चलते सुर्ख़ियों में है। इन दिनों दोनों अधिकारी शिक्षक बनकर क्लास ले रहे हैं। ख़ास बात यह है कि इनकी क्लास में बच्चे ही नहीं बल्कि बच्चों के माता-पिता और स्कूल प्रबंधन भी शामिल हो रहे हैं। अपनी इस क्लास के जरिए समाज में व्यापक बदलाव लाने की कोशिश को नाम दिया गया है ‘पहल’।
दरअसल रतलाम जिले की कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी गौरव तिवारी अपनी सर्विस के अनुभवों के आधार पर बच्चों, उनके माता-पिता और स्कूल प्रबंधन को सिखा रहे है कि आखिर कहाँ चूक हो रही है। कहाँ बच्चे गलती कर रहे हैं और कहाँ माता-पिता और कहाँ स्कूल मेनेजमेंट।
इन गलतियों को सुधार कर समाज को नई दिशा देने का काम कर रहा है जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट “पहल”। इसके लिए जिले के कलेक्टर और एसपी स्कूल-स्कूल जाकर इस मुहीम को चला रहे है। सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चों और पेरेंट्स में कम्युनिकेशन गैप बढ़ गया है। बच्चे अपने साथ हो रही घटनाओं को पेरेंट्स और स्कूल स्टाफ को नहीं बता पाते है। यह आगे चलकर बड़ा रूप ले लेती है।
कलेक्टर और एसपी बता रहे है कि, इससे बचने के लिए आखिर उन्हें क्या करना चाहिए। घर में बच्चो के सामने माता पिता को किस तरह से एक दूसरे से पेश आना चाहिए। कैसे एक उम्र के बाद बच्चों को अपना दोस्त बना लेना चाहिए।
कलेक्टर और एसपी की इस क्लास में बच्चे और उनके पेरेंट्स बढ़ चढ़कर शामिल हो रहे है। पेरेंट्स बदलते समय के साथ प्रशासन की इस पहल को जरुरी बता रहे है, वहीँ बच्चे भी कलेक्टर एसपी की क्लास में पढ़कर सीख लेते दिखाई दिए।
