सागर। प्रदेश के में दुर्लभ फ्राइंस सिंड्रोम नाम की बीमारी का मामला सामने आया है। फ्राइंस सिंड्रोम के कारण बच्ची के शरीर में पेट और फेफड़ों को अलग करने वाली झिल्ली ही नहीं बनी थी। वहीँ उसका लीवर दाहिने फेफड़े के स्थान पर विकसित हुआ था। बता दे कि पूरी दुनिया में इस तरह के महज 120 मामले ही सामने आए है। इन मामलों में एक भी बच्चा जीवित नहीं बचा है। वहीँ इस मामले में बच्ची को ऑपरेशन के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
दरअसल सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में फ्राइंस सिंड्रोम से पीड़ित पांच माह की नवजात बच्ची को भर्ती कराया गया। बच्ची के शरीर में जन्मजात कई विकृतियां एक साथ पैदा हो गई थीं। बच्ची के शरीर में मलद्वार ही नहीं बना था। बच्चेदानी के द्वार से उसे लैट्रिन आती थी। बाथरूम और मलद्वार एक साथ जुड़े थे। उसका लीवर दाहिने फेफड़े की जगह था। दोनों हाथों के अंगूठे तर्जनी अंगुली से जुड़े हुए थे। आंखों के कॉर्निया बहुत ही छोटी साइज में विकसित हुए थे।
डॉक्टरों ने बच्ची का ऑपरेशन करके लीवर को खींचकर सही जगह पर फिट किया गया है। उसके लंग्स सही काम कर रहे हैं। साथ ही पेट में बाएं तरफ मलद्वार का रास्ता अस्थाई रूप बनाकर जाली लगाई गई है। फ़िलहाल बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अगले तीन महीने में बच्ची के दो ऑपरेशन और किए जाएँगे।
