सिवनी। बुधवार को सिवनी में एक बाघिन का शव मिलने से वन अमले में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। विभागीय अमले ने बाघिन का शव कब्जे में लेकर उसकी मृत्यु के कारणों की जाँच में जुट गया है। खबर है कि गुरुवार सुबह विभागीय उच्च अधिकारियों की निगरानी में बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया है। हालाँकि पोस्टमार्टम की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बता दे कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा की सीमा से लगे कोठार नाले में बुधवार को दोपहर बाद 7-8 वर्षीय बाघिन का शव देखा गया। बाघिन का शव मिलने की खबर सोशल मीडिया पर फैली तो आनन-फानन में विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और जाँच में जुट गया। इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है।
दरअसल कुछ दिनों पहले ही पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन और खवासा के आसपास शर्मीली नाम की बाघिन और उसके 3 शावकों की आवाजाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऐसे में क्षेत्र में चर्चा जोरों पर है कि यदि यह शव शर्मीली बाघिन का है तो उसके शावकों का क्या हुआ? वो जिंदा भी है या किसी अप्रिय घटना का शिकार हो गए?
वहीँ विभागीय अधिकारियों ने हमेशा की तरह इस मामले पर भी चुप्पी साध ली है। उनके मोबाइल फोन लगातार पहुंच से बाहर जा रहे हैं। यहां पर वनविभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है। जब इस इलाके में बाघिन की आमद लगातार दर्ज हो रही थी। तो बाघ सुरक्षा के नाम पर करोड़ो का फंड लेने वाला पेंच पार्क प्रबंधन और वन विभाग द्वारा बाघिन के मूवमेंट की निगरानी क्यो नही की जा रही थी।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहिले एक बाघ का पंजा, कटा शव और जंगल मे लटके मिले मानव कंकाल की गुत्थी आज तक नही सुलझी है जो कि विभाग द्वारा वन सुरक्षा के नाम पर की जाने वाली गश्त की हकीकत को बयां करता है।
