सागर। सागर जिले में इन दिनों पानी को लेकर संग्राम होता दिखाई दे रहा है। यहाँ पानी को लेकर किसान और सेना के जवान आमने-सामने हो गए हैं। किसान जहाँ नदी से पानी लेकर खेती करना चाहते हैं। वहीँ सेना के जवान पेट्रोलिंग करके किसानों को रोक रहे हैं। सेना के जवानों ने नदी से पानी लेने वाले किसानों की मोटर जब्त कर ली है। अब सिंचाई नहीं होने से किसानों की फसलें सूख रही हैं।
दरअसल सागर में सेना की छावनी है। इस छावनी में नगर पालिक निगम सागर बेबस नदी पर बनी राजघाट परियोजना से चितौरा डैम एनीकट पर पानी देता है। यहाँ से सागर के कैंट इलाके में पानी की सप्लाई की जाती है। डैम के आसपास स्थित गांवों के किसान खेती करने के लिए डैम के पानी का इस्तेमाल करते हैं। इस कारण गर्मी के मौसम में कैंट इलाके में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस बार जलसंकट से बचने के लिए सेना अभी से सतर्क हो गई है। सेना के जवानों द्वारा डैम में मोटर लगाकर सिचाई करने वाले किसानों को रोका जा रहा है। सेना के जवान किसानों की मोटर भी जब्त कर लेते है। इससे किसानों और जवानों के बीच तनाव व्यापत हो गया है।
सागर शहर से 10 किलोमीटर दूर चितौरा डेम पर सेना के जवान लगातार हाथों में बंदूक लेकर पहरा दे रहे है। बेबस नदी पर बने राजघाट परियोजना से लेकर चितौरा डैम तक 12 किलोमीटर लम्बी नदी से किसानो के पानी लेने से रोक लगा दी है। जो किसान इस स्टॉप डेम से पानी निकालते है, जवान उनके मोटर, सेक्शन, कंडेशन, इलेक्ट्रिक तार वहां से जब्त कर लेते है। इसके साथ ही सेना ने हिदायत दी है कि आगे से इस डेम के पानी का उपयोग ना करें। बताया जा रहा हैं कि राजघाट से चितौरा डैम की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। इस रास्ते में पड़ने वाले जितने भी गांव हैं उनके किसानों पर सिंचाई के लिए पानी पर प्रतिबंध लगा है।
