आगर-मालवा। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण पूरा प्रदेश कांप उठा है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आई है। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों के साथ-साथ जानवरों के भी जीना दुश्वार हो गया है। प्रदेश के आगर-मालवा में भी ठंड का प्रकोप देखा जा रहा है। यहाँ इंसानों को नहीं बल्कि जानवरों को भी आग का सहारा लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लोग कड़ाके की ठंड के कारण घर में दुबके हुए हैं।
दरअसल पिछले 24 घंटों से आगर-मालवा जिले के तापमान में गिरावट देखी जा रही है। दिसम्बर महीने में इतना कम तापमान आगर-मालवा में कई सालों के बाद देखने को मिल रहा है। इन दिनों आगर-मालवा में तापमान 9 से 10 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में आई गिरावट ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
जिले के हर शहर, मोहल्ले और गलियों में अब लोग आग का सहारा लेकर ठंड से निजात पाने की कोशिश में लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ ऊनी और गर्म कपड़ों की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ गई है। आमजन ऊनी कपड़ों की खरीदी कर ठंड से बचने की कोशिश में जुट गए हैं।
ठंड के कारण हाईवे पर आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। हाईवे पर 50 सीट दूर के वाहन भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं खेतों में भी ठंड और कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। फसलों के ऊपर कोहरा इतना अधिक है कि अब किसानों को चिंता सताने लगी है कि इस ठंड और कोहरे की वजह से कहीं उनकी फसलें खराब ना हो जाए।
