रतलाम। आमतौर पर सरकारी स्कूलों की बदहाली की तस्वीरें ही हमारे सामने आती है। लेकिन प्रदेश का एक सरकारी उत्कर्ष स्कूल ऐसा भी है जिसके प्रिंसिपल और उनके स्टाफ ने अपने नवाचार से स्कूल की सूरत ही बदल दी है। आज स्कूल में बच्चे डिजिटल कार्ड से खुद अपनी अटेंडेंस लगाते हैं। खास बात यह है कि बच्चों के स्कूल पहुँचने और स्कूल से निकलने की जानकारी उनके माता-पिता के मोबाइल पर पहुँचती हैं।
हाइटेक स्कूल की यह तस्वीरें हैं रतलाम के सरकारी उत्कर्ष विद्यालय की। विद्यालय में पढ़ने वाले 900 से ज्यादा बच्चे डिजिटल कार्ड से अपनी अटेंडेंस लगाते हैं। जैसे ही बच्चे अपनी अटेंडेंस लगाते हैं, उनके माता-पिता के पास एसएमएस पहुँच जाता है कि आपका बच्चा स्कूल पहुँच गया है। यही अटेंडेंस स्कूल छूटने के समय भी ली जाती है ताकि पेरेंट्स को पता लग सके उनका बच्चा स्कूल से निकल चुका है। इस सिस्टम से सबसे ज्यादा मदद उन बच्चियों और उनके माता-पिता को मिली है जो दूसरे गांवों से सफ़र करके यहाँ पढ़ाई के लिए आती हैं।
स्कूल में सिर्फ अटेंडेंस ही नहीं बल्कि होमवर्क भी पेपरलेस तरीके से ही मिलता है। स्कूल ने अपनी खुद की वेबसाइट और एप बनाया है। इसकी मदद से बच्चों को उनके माता-पिता के मोबाइल पर होमवर्क दिया जाता है। होमवर्क के साथ ही क्विज और दूसरी जानकारी वर्धक एक्टिविटी भी एप की मदद से बच्चों और उनके माता-पिता को दी जाती है।
स्कूल को हाइटेक बनाने में स्कूल के प्रिंसिपल और उनकी पूरी टीम की मेहनत है। यहीं कारण है कि इस स्कूल के बच्चे हर साल प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान बनाते हैं। यहाँ के पांच शिक्षकों को अब तक राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। यहीं कारण है कि यह सरकारी स्कूल अब बड़े बड़े निजी स्कूलों को कई मामलों में मात दे रहा है।
वहीँ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता इस पहल से काफी खुश है। उनका कहना है कि बच्चे के स्कूल पहुँचने और छुट्टी होने की सूचना मिलने से हम चिंतामुक्त हो गए है। अब बच्चे देर से घर आने पर छुट्टी देर से होने का बहाना नही सकते। इस सुविधा को पूरे प्रदेश में लागू करना चाहिए।
स्कूल की छात्रा मेघा सेंगर का कहना है कि हम साईकिल से स्कूल आते हैं। इससे माता-पिता को चिंता रहती है कि बच्चा पहुंचा या नहीं। मेसेज मिलने से परिजन चिंता मुक्त हो जाते है। यह बहुत अच्छी व्यवस्था की है। स्कूल की अन्य छात्रा शीतल कसेरा ने कहा कि, हम इस सुविधा के लिए स्कूल के प्रिंसिपल सर को धन्यवाद देते हैं। अब हमारे माता-पिता चिंता मुक्त हो गए। इसके साथ स्कूल से दिया जाने वाला होमवर्क भी माता पिता को पता चल जाता है जिससे हम अब कोई बात छिपा नही सकते है।
