आगर-मालवा। आख़िरकार बिस्तर पर पड़े-पड़े जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ रहे लाचार, बेबस मोहन को सरकारी मदद मिली है। मोहन की दुख भरी कहानी मीडिया में आने के बाद स्थानीय प्रशासन और नेता नींद से जागे और मोहन की मदद के लिए आगे आए। यही नहीं इस मजबूर बेबस परिवार की मदद के लिए कुछ समाजसेवी भी आगे आए हैं।
दरअसल आगर-मालवा के कलेक्टर संजय कुमार ने मोहन के परिवार को 25 हजार रुपए की सरकारी मदद मुहैया कराई है। इसके अलावा आगर-मालवा के विधायक मनोहर ऊंटवाल ने दस हजार रुपए और आगर मालवा की महेश्वरी समाज ने भी दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता की है। परिवार को आर्थिक मदद मिलने के बाद जिला प्रशासन और विधायक द्वारा मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री की योजनाओं के अंतर्गत मोहन को चिकित्सा सहायता देने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ भी कर दी गई है। अब जल्द ही मोहन के इलाज के लिए शासन से एक बड़ी रकम भी परिवार को मिल जाएगी।
बता दे कि आगर-मालवा जिले के निपानिया बैजनाथ के रहने वाले 48 वर्षीय मोहन सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। अपने पति के ऑपरेशन के खर्च के पैसे नहीं होने के कारण मोहन की पत्नी रामकन्या ने अपना मकान गिरवी रख दिया था। लेकिन ऑपरेशन के बाद से मोहन बिस्तर पर ही पड़ा है। मोहन के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब है। मोहन के इलाज के लिए बेटी निर्मला और बेटे ने पढ़ाई छोड़ दी है। वह दोनों दूसरों के घर मजदूरी करने जाते हैं। मजदूरी करने के बाद उन्हें जो भी पैसा मिलता है उस पैसे से अपने पिता का इलाज करवाते हैं। यदि कुछ पैसा बच जाए तो एक वक्त की रोटी खा लेते हैं।
