बिलासपुर। मरवाही के सुदूर वनांचल की महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत के दम पर क्षेत्र की तकदीर ही बदल कर रख दी है। आज क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई लाख की चूड़ियाँ लाखों महिलाओं के हाथों की शोभा बड़ा रही है। इससे क्षेत्र की महिलाओं के साथ पुरुषों को भी अपने गाँव में ही रोजगार मिल रहा है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक तंगी दूर हुई है।
दरअसल क्षेत्र के कुछ गांवों की महिलाओं ने देवसेना स्व सहायता समूह का गठन किया। समूह की महिलाओं को शासन की योजना के तहत प्रशिक्षित किया गया। मरवाही के जंगलों में लाख बहुतायत में मिलता है। इसलिए महिलाओं को लाख की चूड़ियाँ बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। आज जिले के अधिकारी भी महिलाओं की कारीगरी के कायल है। राज्य सरकार ने भी लाख का मूल्य वर्धित कर इसे लघु व्यवसाय के रूप में स्थापित किया।
आज इस क्षेत्र की महिलाएं लाख की चूड़ियाँ बनाकर आत्मनिर्भर बन चुकी है। महिलाएं बड़ी ही तेजी से लाख का चूड़ी सेट तैयार कर देती है। खास बात यह है कि गाँव के युवकों से ही लाख खरीदती है। इससे गाँव के युवकों को गाँव में ही रोजगार मिल गया। आज गाँव का कोई युवक बेरोजगार नजर नहीं आता। सभी जंगलों में लाख इकट्ठा करने के लिए निकल जाते हैं।
