नरसिंहपुर। नरसिंहपुर के ग्राम पिपरिया बरोदिया में एक युवक पिछले 10 से 12 सालों से कोठरी में बंद है। ठंड, बारिश हो या फिर गर्मी, युवक 24 घंटे जंजीरों में बंधे रहकर नारकीय जीवन जीने पर मजबूर है। युवक के खाने-पीने और शोच की व्यवस्था भी कोठरी में ही की गई है।
दरअसल युवक मानसिक रोगी है और उसके परिजनों ने ही उसे कोठरी में बांध कर रखा है। परिजन उसका कई जगह इलाज करा चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पीड़ित के भाई दिनेश कौरव का कहना है कि कभी-कभी वह इतना खतरनाक हो जाता है कि जंजीर भी तोड़ देता है। उसको कपड़े पहनाते हैं तो कपड़े भी फाड़ देता है। वह गाँव में किसी को नुकसान न पहुंचाएं इसलिए 24 घंटे बांध कर रखना पड़ता है। उसको कोठरी में ही खाना-पीना देते हैं। शोच की व्यवस्था भी कोठरी में ही की गई है। युवक के भाई ने सरकार और प्रशासन से पीड़ित के इलाज का प्रबंध करने की मांग की है।
वहीँ नरसिंहपुर के अपर कलेक्टर मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में यह अधिकार सिविल न्यायालय को है। पुलिस मानसिक रोगी के बारे में न्यायालय को सूचना देती है। उसके आधार पर मेडिकल परीक्षण कर पता लगाया जाता है कि वह मानसिक रोगी है या नहीं। इसके बाद न्यायालय को लगता है तो उसे मनोरोगी संस्थान भेजा जाता है। प्राथमिक तौर पर पीड़ित मानसिक रोगी लग रहा है। संबंधित थाना मैसेज कर दिया जाएगा ताकि उसके इलाज की व्यवस्था कराई जा सकेगी।
