भोपाल। नियमितीकरण करने की मांग को लेकर भोपाल में आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों के पंडाल में कुछ नकाबपोशों द्वारा आग लगाने का मामला सामने आया है। इस कारण पंडाल का एक हिस्सा जल गया है जबकि कई पंडाल में पेट्रोल छिड़का हुआ है। हालाँकि इस हादसे में किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है।
दरअसल भोपाल के शाहजहानी पार्क में पिछले एक महीने से अतिथि शिक्षक आन्दोलन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षक ने बताया कि रात में करीब चार से पांच नकाबपोश लोग पंड़ाल में आए और पेट्रोल छिड़कर पंडाल में आग लगा दी। जब आग जलने लगी तो हम पंडाल छोड़कर भागे। अतिथि शिक्षक के अनुसार इस कैंप में करीब 1500 लोग हैं जिसमें 500 महिलाएं शामिल है।
वहीँ इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर सवाल खड़े किए है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा कि, “अकल्पनीय! पहले तो अतिथि विद्वानों की मांगें नहीं मानी जा रही और अब उन्हें ज़िंदा जलाने की साज़िश! क्या शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध करना अपराध है? शासन-प्रशासन से मेरी मांग है कि इनकी सुरक्षा के उचित इंतज़ाम हों और दोषियों को तुरंत पकड़ा जाए।“
वहीँ गोपाल भार्गव ने ट्विटर पर लिखा है कि, “सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर भोपाल में पिछले 35 दिनों से इस सर्द मौसम में धरने पर बैठे अतिथि विद्वान के पंडाल में आग लगा दी गयी ताकि इनकी आवाज को दबाया जा सके। प्रदेश में जायज मांगो ओर हक के लिए लड़ना भी अब शायद अपराध है। कमलनाथ जी इस घटना की उच्चस्तरीय जांच करवाएं।“
