देवास। देवास जिले के बागली में प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहाँ सरपंच सचिव ने कागजो पर बुजुर्ग महिला का मकान पूर्ण बताकर एक लाख 35 हजार राशि निकाल ली जबकि मकान में छत भराई, खिड़की, दरवाजे, प्लास्टर आदि कार्य बाकी है। अब वृद्ध महिला ने एसडीएम के नाम ज्ञापन देकर छत, खिड़की, दरवाजे प्लास्टर दिलाने की मांग की है।
दरअसल बागली तहसील मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कैलाश नगर गांव की बुजुर्ग महिला कलाबाई ने खेतों में काम करके अपना गुजारा करती है। उसके पति की मृत्यु पूर्व में हो गई है और दो लड़कियां है जिनका भी विवाह हो गया है और वह अपने ससुराल में रहती है। साल 2016-17 में कलाबाई ने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने पर अपनी पुरानी झोपड़ी तोड़कर मकान निर्माण प्रारम्भ किया।
अकेली बुजुर्ग महिला होने का फायदा उठाकर सरपंच सचिव ने मकान निर्माण का ठेका ले लिया। करीब दो साल बीतने के बाद भी अब तक मात्र चार दिवारी ही बनी है। आठ दिन पूर्व छत भरने के लिए चार माह से लगी सेंटिंग भी ठेकेदार बिना छत भरे लेकर चले गए। जबकि मार्च 2019 में शासन से मिलने वाली 1 लाख बीस हजार राशि का भुगतान पूर्ण हो गया है। दरअसल महिला का एटीएम सरपंच सचिव ने अपने पास रखा हुआ था, जिससे वह शासन द्वारा भेजे पैसे निकालते रहे।
अब महिला ने अन्य ग्रामीणों की मदद से जानकारी निकाली तो पता चला कि एक लाख 35 हजार का सम्पूर्ण भुगतान भवन निर्माण का खर्च निकाल लिया गया है जबकि छत, प्लास्टर, खिड़की दरवाजे अभी लगे ही नही है। इसके बाद महिला ने बागली एसडीएम अजित श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर छत, प्लास्टर, खड़की, दरवाजे, की मांग जो कागजो में तैयार होकर उनका भुगतान भी हो गया है। महिला ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में बारिश ठंड खुले मकान में निकाली है।
हैरानी की बात यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ऑनलाइन फोटो स्टेटस व पूर्ण मकान निर्माण होने पर इंजीनियर व सरपंच सचिव का निरीक्षण व गुणवत्ता के बाद भुगतान की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त मकान निर्माण की सभी किस्तों का भुगतान हितग्राही के बैंक खाते की है।
इस मामले को लेकर वर्तमान सचिव रामचरण विश्वकर्मा का कहना है कि मैं हाल ही में स्थानांतरित होकर आया हूं। यह कार्य सरपंच सुरेश मौर्य व तत्कालीन सचिव मुन्नालाल मालवीय द्वारा किया व समस्त भुगतान भी उनके द्वारा निकाला गया।
