उमरिया। उमरिया जिले के बांका गांव में लगे कारखाने ने क्षेत्र के किसानों की जिन्दगी में जहर घोल दिया है। कारखाने से निकलने वाले प्रदूषण के कारण इलाके की जमीन बंजर हो रही है। इस कारण दर्जनों गाँवो के सैकड़ों किसान पलायन करने पर मजबूर है। कई किसान खेती करना छोड़ चुके हैं वहीँ कई किसानों ने हताशा में अपनी जमीन ही बेच डाली। इतना सब हो जाने के बाद अब खनिज विभाग की नींद टूटी। विभाग ने कारखाने पर 11 करोड़ जुर्माने के साथ उत्खनन बंद करने का आदेश दिया है।
दरअसल बांका गांव में तिरुपति बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का प्लांट है। यह प्लांट खेतिहर जमीन के बीच लगा है। यहाँ पर ह्यूम पाइप और खम्बे निर्माण के साथ ही सड़क एवं भवन निर्माण से जुड़े कई उत्पादों का निर्माण किया जाता है। कारखाने का प्रदुषण इलाके में न सिर्फ जहर घोल रहा है बल्कि सैकड़ों एकड़ जमीन बंजर हो चुकी है। किसानों ने कंपनी से निकल रहे जहर के खिलाफ कई बार शिकायत भी की, लेकिन विभाग ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस कारण दर्जनों किसान मैदान यानि खेती करना छोड़ चुके हैं। कई किसानों ने मज़बूरी में अपनी जमीन ही बेच डाली।
हालाँकि अब जाकर किसानों की शिकायत पर खनिज विभाग ने ध्यान दिया। खनिज अमले ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कंपनी के ऊपर 11 करोड़ का जुर्माना लगाया है। साथ ही कम्पनी के हर अवैध काम पर रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि किसी भी खनन कारोबार या उद्योग संचालन के लिए पर्यावरणीय शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है। ऐसे में जहर उगल रही तिरुपति बिल्डकॉन कम्पनी को लंबे समय तक अभयदान मिलना कई सवाल खड़े करता है। लेकिन देर आये दुरस्त आये की तर्ज पर शुरू हुई प्रशासनिक कार्यवाही से इलाके के दर्जनों गाँवो के किसानो को राहत जरूर मिलेगी।
