इंदौर। मप्र लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में भील जनजाति के अपमान के मुद्दे को लेकर लोकसेवा आयोग के अधिकारियों पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब आयोग ने एफआईआर को खत्म करने के लिए इंदौर हाई कोर्ट में पिटीशन दाखिल कर दी है।
दूसरी तरफ इस मामले को लेकर आन्दोलन कर रहे लोगों ने कहा है कि राज्य सरकार इस याचिका पर पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता शशांक शेखर, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल से बात करना चाहिए।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री के ओएसडी के लिए कपिल सिब्बल और विवेक तंखा बहस करने आए थे। ऐसे में आदिवासियों के मान सम्मान की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह उनका दायित्व भी है।
