उमरिया। रेलवे अधिकारियों ने मनमानी करते हुए खेतिहर किसान की जमीन पर ही सड़क बना दी। इससे नाराज किसान ने रेलवे को मुंहतोड़ जवाब देते हुए सड़क पर ही घर बना दिया। ऐसे में रेलवे और किसान की लड़ाई में ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीण या तो असुरक्षित रेलवे ट्रैक को पार कर आवागमन करते है या फिर गड्ढों भरे मार्ग से होकर गुजरते हैं।
रेलवे अधिकारियों की मनमानी की यह अनोखी घटना सामने आई उमरिया जिले के ग्राम लोढ़ा से। भारतीय रेलवे के साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे ने ग्रामीणों के बाधारहित आवागमन के लिए रेलवे फाटक बंद कर अंडर ब्रिज बनवाया। अंडर ब्रिज बनाने के बाद लाखों खर्च कर स्थानीय किसान राजकुमार राय की पट्टे आराजी की जमीन पर अप्रोच रोड बना दी। इससे किसान की करीब एक एकड़ जमीन ख़राब हो गई।
रेलवे के अधिकारियों की मनमानी किसान के खेत में सड़क बनाने तक कि सीमित नही रही बल्कि किसान द्वारा विरोध करने पर रेलवे पुलिस द्वारा उसे धराया धमकाया भी गया। लेकिन किसान ने हार नही मानी और उसके पास मौजूद दस्तावेज के आगे रेलवे के अधिकारी भी बेबस हो गए। आख़िरकार इससे नाराज किसान ने रेलवे को जवाब देते हुए सड़क के ऊपर घर बना दिया। अब रेलवे की इस लापरवाही का खामियाजा हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। अंडर ब्रिज बनने के बाद भी ग्रामीण असुरक्षित रेलवे ट्रैक पार करने पर मजबूर है। या फिर उन्हें गड्ढों भरे मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रेलवे के ऊपर अतिक्रमण का मामला दर्ज कर कार्यवाही की बात कही है। लोढ़ा के किसान राजकुमार ने साहस का परिचय देते हुए रेलवे की मनमानी का मुंहतोड़ जबाब दिया है। लेकिन जिले में रेलवे की लापरवाही की ऐसे कई मामले हैं जिनमे जनता की आवाज दबाकर रेलवे अपनी जबरिया मनमानी कर रहा है। देखना है जिला प्रशासन इस मामले में अब क्या कार्यवाही करता है।
