रीवा। रीवा जिले का एक किसान धान की जगह जापानी पुदीने की खेती कर रहा है। इससे किसान को लाखों रुपए की आमदनी हो रही है। पुदीने की खेती से बढ़ते लाभ को देख किसान ने अपने खेत के पास ही पुदीने से तेल निकालने का प्लांट भी लगा रखा है। जिससे किसान पुदीने से तेल निकालकर अच्छा मुनाफा कमा रहा है। उनके इस मुनाफे को देख आसपास के गाँवों के किसान भी पुदीने की खेती की जानकारी लेने के लिए पहुँच रहे हैं।
रीवा जिले के ग्राम सहिजना के रहने वाले किसान वीरेन्द्र सिंह को ग्रेजुएशन के बाद नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने खेती करना शुरू किया। आज उनके खेत में धान की जगह जापानी पुदीने फसल लहलहा रही है। वीरेन्द्र ने खेत के पास ही तेल बनाने का प्लांट भी लगा रखा है जिससे निकलने वाले तेल को बेचकर वह अच्छा ख़ासा मुनाफा कमा रहे है। किसान वीरेन्द्र ने बताया कि मैं साल भर पहले छतरपुर गया था। वहां कुछ किसानों ने मुझे बताया कि पुदीने की खेती से धान और गेहूं से भी ज्यादा लाभ होता है।
इसके बाद वीरेन्द्र ने अपनी तीन एकड़ जमीन में पुदीने की खेती शुरू की। करीब 45 हजार रुपए की लागत से तैयार हुई फसल से वीरेन्द्र को डेढ़ लाख से भी ज्यादा का लाभ हुआ। पुदीने की खेती करना भी आसान है। समय-समय पर खाद और कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। अधिक मुनाफा कमाने के लिए वीरेन्द्र ने अपने खेत के पास प्लांट लगवाया है जिसमें आश्वित होकर तेल बाहर निकलता है। तीन माह में पुदीने की खेती तैयार हो जाती है। इससे दो बार तेल निकलता है। प्रति एक एकड़ में 40 लीटर तक तेल निकलता है। बाजार में पुदीने के तेल की कीमत 1600 से लेकर 1800 रुपए तक है। पुदीने के तेल का उपयोग कई तरह की दर्द निवारक क्रीमों और तेलों में इस्तेमाल किया जाता है।
इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण अन्य फसलों के साथ पुदीने की खेती को भी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद वीरेन्द्र को काफी मुनाफा हुआ है। पुदीने की फसल के बाद वो खेत में प्याज व लहसुन की खेती करते हैं। आज वीरेन्द्र पुदीने की खेती करके लाखों कमा रहा है जबकि इससे पहले परंपरागत खेती वह एक लाख रुपए भी नहीं कमा पा रहे थे। वीरेन्द्र इस क्षेत्र के एकलौते किसान है जो पुदीने की खेती के साथ ही तेल निकालने का काम भी करते हैं। पुदीने की खेती से हो रहे मुनाफे के बारे में जानकार आसपास के किसान भी वीरेन्द्र के पास इस बारे में जानकारी लेने के लिए आ रहे हैं।
