मंदसौर। पुलिस ने मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए कुछ मामलों को वापस ले लिया है। 100 से ज्यादा प्रकरणों में से 64 मामलों का खात्मा पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश किया गया है। इस 64 प्रकरणों के खत्म होने से हजारों किसानों पर दर्ज मामले भी खत्म हो गए हैं।
बता दे कि 06 जून 2017 को मंदसौर जिले में हुए किसान आन्दोलन ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान छह किसानों की मौत हो गई थी। उस समय मंदसौर पुलिस ने लगभग 40 हजार किसानों पर आगजनी, तोड़फोड़ आदि के प्रकरण दर्ज किए थे। चुनाव से पहले कांग्रेस ने किसानों से वादा किया था कि किसानों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। अब 64 मामलों का खात्मा कर दिया गया है। अन्य मामले अभी विवेचना में हैं। किसान नेताओं को उम्मीद है कि जल्द ही अन्य मामले भी खत्म हो जाएँगे।
किसान नेताओं का कहना है कि 64 प्रकरणों में लगभग 1500 लोगो पर से केस खत्म हुए हैं। वहीँ मंदसौर एसपी हितेश चौधरी का कहना है कि 2017 में लगभग 40,000 किसानों पर 100 से ज्यादा प्रकरण के तहत मामले दर्ज हुए थे। मन्दसौर एसपी की माने तो अभी हजारो किसानों पर दर्ज प्रकरणों का खात्मा बाकी है।
बाकि मामले कब खत्म होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन 64 मामलों के खात्मे से किसानों में खुशी है। किसान नेताओं का कहना है कि पिछले दो साल में ऐसे कई मौके आए जब किसानों से जबरन बांड भरवाए गए। आचार संहिता के समय भी इन किसानों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ा था। मामले खत्म होने से किसानों को राहत मिलेगी।
किसान नेता कमलेश पटेल ने बताया कि 06 जून 2017 को किसान आंदोलन हुआ था जिसकी वजह फसलों के उचित दाम की मांग थी। इस आंदोलन में 6 किसान शहीद हो गए थे। किसानों पर फर्जी मामले दर्ज हुए थे। जिसकी वजह से हमेशा शांति व्यवस्था के नाम पर पुलिस द्वारा किसानों से बांड भरवाए जाते थे, किसान परेशान रहते थे। कमलनाथ ने वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनी तो शिवराज सरकार में दर्ज हुए किसानों पर मामले वापस लिए जाएंगे। अब सरकार बनने के बाद किसानों पर से मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं। मैं किसानों की ओर से सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। 64 प्रकरणों में लगभग 1500 नामजद लोगों के केस वापस लिए गए है और अभी हजारो बाकी है।
