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मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रेप कांड की मास्टर माइंड रहीं श्वेता जैन फिर सुर्खियों में हैं। अब इंदौर पुलिस क्राइम ब्रांच ने श्वेता को इंदौर में शराब कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर एक करोड़ रुपए की वसूली करने के मामले में उठाया है।
इंदौर पुलिस क्राइम ब्रांच ने श्वेता के साथ एक महिला शराब तस्कर, उसके बेटे, एक प्रॉपर्टी कारोबारी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक को भी हिरासत में लिया है। आरोप है कि गैंग कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपए की डिमांड की जा रही थी।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने शाम करीब चार बजे भोपाल के मीनाल रेसीडेंसी से श्वेता जैन को हिरासत में लिया है। पूछताछ के लिए उसे इंदौर लाया गया है। श्वेता जैन मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले की प्रमुख आरोपियों में शामिल रही हैं। वर्ष 2019 में सामने आए इस मामले में नेताओं, अफसरों को ब्लैकमेल करने के आरोप लगे थे।
“डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाले 45 वर्षीय शराब कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी शराब के साथ प्रॉपर्टी कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। उसकी कुछ वर्ष पहले द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से पहचान हुई थी। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है। अलका के साथ मिलकर यह लोग ब्लैक मेल कर करोड़ों रुपयों की मांग कर रहे थे।
ऐसे हुई ब्लैकमेलिंग की शुरुआत
“अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी बिजनेस में फायदे की डील बताई। कारोबारी ने इन सब प्रॉपर्टी में रूचि नहीं ली।
50 प्रतिशत की पार्टनरशिप करो नहीं तो फिर तैयार रहना
लाखन दोबारा मिला और धमकी दी कि अलका के साथ 50 प्रतिशत की साझेदारी करनी होगी, वरना परिणाम गंभीर होंगे। कारोबारी ने फिर भी उनकी बात नहीं मानी। करीब 20 दिन पहले कारोबारी किसी काम से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र गया था। इसी दौरान अलका दीक्षित अपने बेटे जयदीप और लाखन के साथ वहां पहुंची। आरोप है कि तीनों ने कारोबारी के साथ मारपीट की और गोली मारने की धमकी दी।
हमारी बात नहीं मानी तो फोटो वीडियो वायरल होंगे
“फिर अलका और उसके साथियों ने कारोबारी को धमकाया कि यदि उसने साझेदारी और रकम नहीं दी तो उसके निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। गैंग ने एक करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा कि “ऐसा हाल करेंगे कि समाज में शक्ल दिखाने लायक़ नहीं रहोगे। इसके बाद कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत मिलते ही अपराध शाखा ने गुपचुप तरीके से जाल बिछाया और सोमवार तड़के कार्रवाई कर अलका, उसके बेटे जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में ले लिया।”
पुलिस इंटेलिजेंस विंग का कांस्टेबल भी गिरोह में
पुलिस को पता चला कि इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा लगातार अलका के साथ संपर्क में था। दोनों के बीच कई चैटिंग भी सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के निजी वीडियो और फोटो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे। फिर विनोद ने ब्लैक मेलिंग की स्क्रिप्ट तैयार की थी।
एमजी रोड पुलिस ने सरकारी क्वार्टर से लिया हिरासत में
एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया की टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान उसके बेटे ने पुलिस से विवाद भी किया। पुलिस ने विनोद का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है। विनोद शर्मा पहले क्राइम ब्रांच, चंदन नगर और अन्नपूर्णा थाने में पदस्थ रह चुका है। फिलहाल वह इंटेलिजेंस शाखा में कार्यरत था।”
