भोपाल। पिछले दिनों आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अभियान चलाकर जनगणना में आदिवासियों को खुद को हिन्दू कहने के लिए प्रेरित करने की बात कही थी। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस पर गहरी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने ऐसा करने पर आरएसएस के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
कमलनाथ ने कहा कि आरएसएस को इस बात की अनुमति नहीं दी जाएगी कि आदिवासियों को इच्छा विरुद्ध धार्मिक संबद्धता दर्शाने को कहा जाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस जब देश में एनआरसी लागू करवाने में असफल रहा तो वह अपने विभाजनकारी मंसूबों को दूसरे तरीके से लागू करना चाहता है। आरएसएस को किसी सूरत में आदिवासियों के जीवन में जहर घोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर वह ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीँ कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने भी कहा कि क्या लिखें और क्या नहीं, यह सब का मौलिक अधिकार है। कोई संगठन नागरिकों को उसके मामलों में बाध्य नहीं कर सकता। समाज को बरगलाकर भेदभाव और नफरत फैलाने का काम ठीक नहीं है।
