शिवपुरी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थामने के बाद से गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल दिखाई दे रही हैं। शिवपुरी में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया हैं। इससे क्षेत्र में एकाएक दिग्विजय सिंह का गुट सक्रिय हो गया हैं।
दरअसल शिवपुरी में सिंधिया समर्थक कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ यादव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित कई पदाधिकारियों ने सिंधिया के साथ ही कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया हैं। ऐसे में अब जिले में कांग्रेस की कमान थामने के लिए दिग्विजय गुट से जुड़े नेता जैसे पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा, विजय सिंह चौहान सहित अन्य नेता अचानक सक्रिय हो गए हैं।
दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र होने के कारण अब तक शिवपुरी जिले में उनकी पसंद के नेता को ही पार्टी की कमान सौंपी जाती थी। लेकिन सिंधिया और उनके समर्थकों के पार्टी छोड़ने से दिग्विजय गुट से जुड़े नेताओं के रास्ते खुल गए हैं। ऐसे में आने वाले समय में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
इस समय सबकी नजर इस बात पर हैं कि शिवपुरी कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कुर्सी किसे मिलेगी? इस रेस में कई नाम शामिल हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि किसी महल विरोधी नेता को ही जिलाध्यक्ष का पद दिया जाएगा। फ़िलहाल पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला, श्रीप्रकाश शर्मा, लक्ष्मीनारायण धाकड़, बासित अली सहित कई नाम इस दौड़ में बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक माहौल बदलने से दिग्विजय गुट के नेता पिछोर विधायक और पूर्व मंत्री केपी सिंह की भूमिका भी इस क्षेत्र में बढ़ेगी। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद केपी सिंह के मंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के वीटो के कारण वह मंत्री नहीं बन पाए। अब सिंधिया के पार्टी छोड़ने से इस क्षेत्र में उनका दबदबा बढ़ेगा।
