इन्दौर। इंदौर में प्रशासन अब लोगों को घर-घर जाकर दूध और किराना सामान उपलब्ध कराएगा। इसके लिए जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम ने विभिन्न किराना दुकान संचालक एवं उन्हें सामान सप्लाय करने वाले डीलर्स और डीलर्स को सप्लाय करने वाले निर्माता से चर्चा की है।
दरअसल इंदौर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए शहर में पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगाया गया है। लोगों से घरों के अंदर ही रहने का आदेश दिया गया है। ऐसे में लोगों को किराना सामान की कमी न हो, इसके लिए उनके घरों तक किराना सामान पहुँचाया जाएगा।
जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि वर्तमान में घर-घर दूध पहुँचाने की व्यवस्था प्रचलित है। इसी तरह लोगों को किराना सामान व आलू-प्याज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक वार्ड को एक से अधिक भागों में विभक्त किया गया है। वार्ड को मोहल्लावार 24 किराना सप्लाई क्षेत्रों में बांटा गया है। इसके लिए प्रत्येक किराना सप्लाई क्षेत्र में एक किराना सामान सप्लायर व डीलर को चिन्हित कर जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि किसी को भी किराने अथवा आलू-प्याज की दुकान खोलने की अनुमति नहीं है।
सामानों की होम डिलीवरी करने के लिए नगर निगम के स्वच्छता वाहन के रूट पर एक सप्लाई क्षेत्र प्रभारी प्रत्येक घर में जाकर कुछ निश्चित आवश्यक 15 आइटम्स (जिसमें आलू-प्याज सम्मिलित है) की सूची रहवासी को देगा। रहवासी अपनी मांग के अनुसार एक पत्रक में आइटम्स चिन्हित कर सकेगा। इसके बाद राशन सप्लाय क्षेत्र प्रभारी उसी दिन या अगले दिन प्रत्येक रहवासी के घर जाकर सामान देगा।
जिला कलेक्टर ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि कुछ किराना व्यापारियों द्वारा सख्त लाकडाउन के पूर्व किराना सप्लाय अधिक दरों पर किया गया है। यह कालाबाजारी की श्रेणी में आता है। इसलिए सभी किराना सामग्री सप्लायकर्ताओं एवं डीलर्स को निर्देशित किया गया है कि इस प्रकार की कालाबाजारी पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
