भोपाल। कोरोना से चल रही जंग के बीच भोपाल के एक डॉक्टर ने देश और समाज सेवा की सच्ची मिसाल पेश की हैं। डॉक्टर ने अपनी माँ की मौत का समाचार मिलने के बाद अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी। वे मरीजों की सेवा में लगे रहे और सभी मरीजों की जाँच करने के बाद अपनी जगह से उठे तो आँखे छलक उठी।
भोपाल के रहने वाले डॉ केके सिलावट रायसेन जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी में पदस्थ हैं। उनकी मां को लीवर में इन्फेक्शन था। उनकी मां आखिरी बार अपने बेटे से मिलना चाहती थी, लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए वह भोपाल नहीं आए।
अपनी ड्यूटी के दौरान केके सिलावट को मां की मौत की सूचना मिली। उस समय चैम्बर में मरीजों की कतार थी। ऐसे में केके सिलावट ने मरीजों का इलाज जारी रखा। उन्होंने किसी भी मरीज को इसका अहसाह भी नहीं होने दिया। सभी मरीजों का इलाज करने के बाद वह अपनी कुर्सी से उठे तो आँखे छलक आई। इसके बाद ही वे भोपाल आए।
