जबलपुर। कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉक डाउन से अन्य फसलों के साथ पान की खेती को भी काफी नुकसान हो रहा है। जबलपुर, होशंगाबाद, रीवा, रायसेन सहित अन्य जगहों पर पान ख़राब हो रहे हैं। पान के पत्तों की तुड़ाई नहीं होने के कारण अब पत्ते सड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं।
बुढागर का बंगला पान दूसरे प्रदेशों में भी काफी प्रसिद्ध हैं। लेकिन इन दिनों कोई 20 रुपए सैकड़ा खरीदने को भी तैयार नहीं है। लॉकडाउन के कारण पान की खेती करने वाले किसानों को काफी नुकसान हुआ है। रोजाना होने वाली फुटकर बिक्री बंद होने से कोई किसानों से पान खरीद नहीं रहा है। ऐसे में तुड़ाई नहीं होने से पान के पत्ते खुद ही टूटकर गिर रहे हैं और ख़राब हो रहे हैं।
वहीँ रायसेन जिले का बरेजे पान नासिक, कलकत्ता, जबलपुर, भोपाल सहित प्रदेशभर में फेमस है। लेकिन लॉकडाउन के कारण यह पान लगे-लगे झड़ रहे हैं। ऐसे में पान बेचकर अपना जीवन यापन करने वाले किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। पिछले 13 दिन से इन बेलों से पान नहीं टूटे हैं जिससे जहां आर्थिक नुकसान तो ही रहा है साथ ही भविष्य में बेल सड़ने और गलने के कारण नई बेलों को लगना मुश्किल होगा।
प्रदेश के होशंगाबाद और रीवा जिले में भी यही हाल हैं। यहां किसानों द्वारा पान मंडियों में बेचने के लिए तोड़े गए पान घर पर रखे पीले पड़कर सड़ गए हैं। जिससे पान उत्पादक किसानों का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बाहर मंडी में बेचने के लिए पानों को तोड़ा था वह पीले पड़कर सड़ गए हैं।
