गुना। कोरोना संकट में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए गुना में शिया दाऊदी बोहरा समाज दो भाइयों ने अपने खेत की पूरी फसल दान करने का फैसला लिया है। भाइयों ने अपने-अपने 25 बीघा के खेत में उगाई करीब 105 क्विंटल शरबती गेहूं की पूरी की पूरी फसल प्रशासन को जरूरतमंदों में बांटने के लिए सौंप दी हैं। साथ ही दोनों ने भाइयों कहा है कि उनके दान का प्रचार नहीं किया जाना चाहिए।
कहा जाता है कि “दान धर्म की पूर्णता और उसका श्रंगार है।” जब संपूर्ण मानव जाति संकट में हो तब मुक्त हस्त से किया गया दान एक मिसाल बनता है। कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के कारण जनजीवन ठप पड़ा है। गरीब परिवारों के सामने दो वक़्त की रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग और संस्थाएं ऐसे परिवारों की मदद के लिए आगे आई हैं।
गुना में शिया दाऊदी बोहरा समाज के रियाज जमा और मुस्तफा कमर जमा नाम के दो भाइयों ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपने खेत की पूरी फसल दान करने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने अपने धर्म गुरु मौला सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के आह्वान पर भुल्लन पुरा में स्थित 25 बीघा के खेत में उगाई करीब 105 क्विंटल शरबती गेहूं की पूरी की पूरी फसल प्रशासन को जरूरतमंदों में बांटने के लिए सौंप दी।
दोनों भाइयों का कहना है कि इस वैश्विक महामारी से पूरा विश्व जूझ रहा हैं। इसे देखते हुए हमारे धर्मगुरु ने कहा कि जितना हो सके गरीबों, जरूरतमंदों के कल्याण के लिए सहयोग करें और आवश्यकता पड़ने पर खुद भी इस काम में जुट जाएं। इससे प्रेरणा लेकर हमने अपने पिता शेख मोहम्मद जमा की याद में यह छोटा सा सहयोग किया है। दोनों भाई ईश्वर से कामना करते हैं कि जल्दी ही ऊपरवाला इस कठिन दौर से हम सबको निकालेगा।
ख़ास बात यह है कि जब मीडियाकर्मियों ने दोनों भाइयों से दूसरे लोगों को प्रेरित करने के लिए अपने दान का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें हमारा क्या है, हमने क्या दिया, हमें जो ऊपर वाले ने दिया, हमने उसे ऊपर वाले के बंदों को दे दिया। इसमें प्रचार करने की क्या बात है, यदि प्रचार ही करना है तो इंसानियत का किया जाना चाहिए।
वहीँ दोनों भाइयों के इस कदम की जिले के डीएम एस विश्वनाथन और एसपी तरुण नायक ने प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक समाजसेवी संगठन इस आपदा की घड़ी में एकजुट होकर शासन-प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में इन दोनों भाइयों के द्वारा दिया गया सहयोग निश्चित ही प्रशंसनीय है।
