इंदौर। इंदौर में जल्द ही प्राइवेट डेंटल क्लीनिक भी शुरू होंगे। कलेक्टर ने इस संबंध में नेहरू स्टेडियम में दंत चिकित्सकों के साथ बैठक की है। कलेक्टर ने डेंटल क्लीनिक खोलने के संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। फ़िलहाल क्लीनिकों की साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए क्लीनिक खोलने की अनुमति दे दी गई है। दंत चिकित्सकों के साथ हुई बैठक में सासंद शंकर लालवानी, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देशराज जैन तथा अन्य पदाधिकारी, डॉ निशांत खरे, चन्द्रमौलि शुक्ला और रोहन सक्सेना भी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर ने चिकित्सकों को क्लिनिक में खुद की और आने वाले मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है। साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी एप में दर्ज करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि क्लीनिक खोलने के संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। फ़िलहाल क्लीनिकों की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्था शुरू कर दें। सभी डॉक्टरों को क्लिनिक खोले जाने के संबंध में गाइड लाइन का पूरा पालन करना होगा।
कलेक्टर ने कहा कि डेंटल क्लिनिक का खुलना इंदौर के हित में हैं। क्लिनिक में खुद की और आने वाले मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। डॅाक्टर्स मॉस्क लगाए, सेनेटाइजेशन करते रहे और सामाजिक दूरी का पालन करें। साथ ही नागरिकों को भी इस संबंध में जागरूक करते रहे।
इस अवसर पर सभी चिकित्सकों से कहा गया कि वे ऐसे मरीजों पर भी नजर रखें जिन्हें सर्दी,खाँसी, बुखार के लक्षण हैं। ऐसे मरीजों की जानकारी एप में जरुर दर्ज करें। क्लीनिक में आने वाले सभी मरीजों का थर्मल गन से तापमान लें। साथ ही ऑक्सीमीटर से उनका ऑक्सीजन लेवल भी देखें। इस अवसर पर बताया गया कि सभी चिकित्सक अपनी तथा अपने स्टॉफ की जानकारी एप में रजिस्टर्ड करें जिससे कि उन्हें प्रधानमंत्री कोविड बीमा योजना के अंतर्गत शामिल किया जा सके। कंटेनमेंट एरिया में कोई भी क्लीनिक नही खुलेगा। यदि किसी क्लीनिक का कोई कर्मचारी कटेनमेंट एरिया में रहता हो तो उसे क्लीनिक में कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। यथासंभव मरीजों को पूर्व अपाईटमेंट के आधार पर ही क्लीनिक में आने की अनुमति प्रदान जायेगी।
बैठक में सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर में हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं। लोगों को जागरूक करने में दंत चिकित्सकों की भी बड़ी जवाबदारी है। आज के समय में दंत चिकित्सकों का कार्य बहुत चुनौतीपूर्ण है। सभी सावधानी बरतते हुए पूर्ण सतर्कता से कार्य करें और शहर को सुरक्षित रखने में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
वहीँ डॉ निशांत खरे ने कहा कि इंदौर में शुरूआत में कोरोना की स्थिति काफी चिंताजनक थी। अब स्थिति में तेजी से सुधार आ रहा है। सभी चिकित्सक सर्वेलेंस के लिये सजग रहें। सर्वेलेंस के कार्य में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सभी डॉक्टर्स कोरोना के संघर्ष में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जागरूकता पर विशेष ध्यान दें। अंत में दंत चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ।देशराज जैन ने भी चिकित्सकों को सम्बोधित किया।
बैठक में बताया गया कि निर्देशों के अनुसार मरीज के पुराने कागजों एवं रिपोर्ट को हाथ न लगाए और हर बार नवीन प्रिस्केप्शन लिखे। वेटिंग रूम में एक पोस्टर लगाया जाए जिसमें कोविड-19 से संबंधित सुरक्षा उपयों का विस्तृत उल्लेख हो। क्लिनिक के ओपीडी का समय यथासंभव कम रखें। सायं 6 बजे के पूर्व क्लिनिक को बंद करना सुनिश्चित करें। सभी डॉक्टर एवं क्लिनिक संचालकों द्वारा प्रशासन द्वारा तैयार किए गए एक एप डाउनलोड कर उसमें पंजीयन कराना अनिवार्य रहेगा। एरोसोल बनाने वाली क्रियाओं जैसे नेबुलाईजर आदि का उपयोग न करें। क्लिनिक के वेटिंग रुम में किताबे, खिलौने तथा अन्य अनावश्यक अनुपयोगी सामग्री न रखें। बैठक में निर्देश दिये गये कि क्लिनिक की साफ-सफाई तथा विसंक्रमण आदि का विशेष ध्यान रखा जाये। क्लिनिक के फ्लोर एवं टायलेट को दिन में दो बार अनिवार्यत: साफ कराएँ।
