May 10, 2026

साँवरे सीट पर होगा सबसे दिलचस्प नजारा

इंदौर। मध्यप्रदेश में 24 सीटों पर उपचुनाव होने वाले है जो प्रदेश की आगे की सियासत तय करेंगे। हालांकि इन 24 सीटों में से सबसे ज्यादा नजर इंदौर की सांवेर विधानसभा सीट पर रहने वाली हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रदेश की सबसे चर्चित भिड़ंत होना तय हैं। भाजपा की ओर से प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की उम्मीदवारी तय है जबकि कांग्रेस की ओर से दबंग दलित नेता और पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू का मैदान में आना तय माना जा रहा है। ऐसे में पूरी संभावना हैं कि इन्हीं दोनों के बीच सांवेर में सीधी टक्कर होगी।

बता दे कि सांवेर विधानसभा सीट पर तुलसीराम सिलावट का अच्छा ख़ासा प्रभाव है। वह 1985, 2007, 2008 और 2018 में यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं। हालांकि इस बार वह भाजपा के टिकट पर अपनी किस्मत आजमाएंगे। सिंधिया खेमे से आने वाले तुलसीराम सिलावट कमलनाथ सरकार में भी मंत्री थे, लेकिन सिंधिया की बगावत के बाद वह भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।

सांवेर विधानसभा सीट पर तुलसीराम सिलावट का मुकाबला पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू से होगा। प्रेमचंद गुड्डू 1998 में इसी क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक चुने जा चुके हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे प्रेमचंद गुड्डू विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे, लेकिन अब एक बार फिर प्रेमचंद गुड्डू भाजपा से कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और उनकी सांवेर से उम्मीदवारी भी तय मानी जा रही है।

गौरतलब है कि सांवेर में 1977 के बाद यह पहला मौका होगा जब कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की ओर से सोनकर परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। 1980 से 2018 तक यहां से भाजपा की ओर से केवल सोनकर परिवार के सदस्य ही चुनाव लड़े हैं। इस सीट की विशेषता यह है कि यहां से ज्यादातर बाहरी प्रत्याशी ही विजयी हुए हैं। यहां संघ का भी काफी प्रभाव रहा है। 1967 में यहां से भारतीय जनसंघ के टिकट पर बाबूलाल राठौर चुनाव जीत चुके हैं।

सांवेर अनुसूचित जाति सुरक्षित सीट पर खाती, धाकड़ कलोता, राजपूत और दलित समाज का वर्चस्व रहा है। यहां दलितों और खाती समाज के लगभग बराबर वोटर हैं। दलितों में करीब 70 फ़ीसदी मतदाता बलाई समाज के हैं। इसके अलावा कलोता राजपूत और धाकड़ समाज की भी पर्याप्त संख्या यहां है। अगर उम्मीदवारों की बात करे तो भाजपा के तुलसीराम सिलावट खटीक समाज से आते हैं जबकि कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार प्रेमचंद गुड्डू पासी दलित से आते हैं। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ता आ रहा सोनकर परिवार भी खटीक समाज में ही आता है। सांवेर सीट पर 40 हजार मतदाता दलित, 35 हजार मतदाता खाती समाज, 30 हजार मतदाता कलोता राजपूत समाज और 15 -15 हजार मतदाता राजपूत और धाकड़ समाज से आते हैं।

अगर सांवेर सीट के इतिहास की बात करें तो यहां से 1962 में कांग्रेस के सज्जन सिंह विश्नार चुनाव जीते थे। इसके बाद 1967 में भारतीय जनसंघ के बाबूलाल राठौर, 1972 में कांग्रेस के राधाकिशन मालवीय,1977 में जनता पार्टी के अर्जुन सिंह का घारू, 1980 में भारतीय जनता पार्टी के प्रकाश सोनकर, 1985 में कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट, 1990 और 1993 में भाजपा के प्रकाश सोनकर, 1998 में कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू, 2003 में भाजपा के प्रकाश सोनकर, 2007 में कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट, 2008 में भी कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट, 2013 में भाजपा के डॉ राजेश सोनकर और 2018 में कांग्रेस के तुलसीराम सिलावट चुनाव जीते हैं।

Written by XT Correspondent

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