इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक मौलाना द्वारा कोरोना का इलाज करने के नाम पर लोगों की भीड़ इकट्ठा करने का मामला सामने आया है। मौलाना पिछले कई दिनों से नीबू और मंत्र से कोरोना का इलाज करने का दावा कर रहा है। खास बात यह है कि मौलाना के पास रोजाना लगभग 500 लोग इलाज के लिए पहुँच रहे हैं। ऐसे में इंदौर में एक बार फिर से संक्रमण बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
गौरतलब है कि इंदौर में अब तक कोरोना संक्रमण के 4000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से शहर में नए मामले सामने आने की दर में कमी आई है। इस बीच इंदौर के करबला में मुन्ना मौलाना कोरोना सहित अन्य दर्द दूर करने के लिए लोगों को अपने पास बुला रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग मौलाना के पास पहुँच रहे हैं। ऐसे में अंधभक्ति दिखाने वाले लोग शहर को फिर से एक बार कोरोना संक्रमण के बड़े हॉटस्पॉट में बदलने में लगे है।
दरअसल मुन्ना मौलाना लोगों को करबला बुला कर कोरोना का इलाज करने का दावा कर रहा है। मुन्ना भीड़ लगाकर महिलाओं के सिर पर हाथ रख कर मंत्र पढ़ रहा है और पूछ रहा है कि डॉक्टर के पास कितने पैसे लगाए? वहीं अंधभक्त भी करबला पर मत्था टेकने के साथ-साथ डॉक्टरी इलाज के लिए मुन्ना के पास पहुँच रहे हैं ताकि डॉक्टर को पैसा ना देना पड़े और कम चढ़ावे में ही ठीक हो जाए। करबला पर मुन्ना के पास रोज करीब 500 से ज्यादा लोग कोरोना से बचाव के लिए पहुंच रहे है।
जहाँ एक तरफ प्रशासन और धर्म गुरुओं ने कोरोना संकट को देखते हुए फिलहाल देवस्थानों को नहीं खोलने का निर्णय किया है ताकि जल्द से जल्द कोरोना से मुक्ति मिल सके। वहीं दूसरी तरफ मौलाना द्वारा की जा रही हरकत से एक बार फिर संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। करबला पर पहुंच रही सैकड़ों लोगों की भीड़ प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर रही है। दर्शन करना जायज है पर इस तरह कोरोना भगाने में लगे मुन्ना को इस पवित्र स्थान से रवानगी देने चाहिए।
गौरतलब है कि देवास में भी झाड़ फूक करने वाले बाबा ने अपने साथ-साथ 12 लोगो को संक्रमित कर दिया था। वहीँ रतलाम में भी एक ऐसा ही मामला सामने आ चुका हैं। बावजूद इसके लोग अंधविश्वास में आकर बाबाओं और मौलानाओं के पास पहुँच रहे हैं। आपको बता दे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सर्दी, खासी, बुखार कोरोना के लक्षण है। ऐसा होने पर तुरन्त जांच की आवश्यकता है।
