धार। बदनावर के बागी नेता राजेश अग्रवाल को भाजपा में शामिल करने के खिलाफ भाजपा नेता भंवर सिंह शेखावत ने बिगुल बजा दिया है। भंवर सिंह शेखावत के विरोध से सकते में आई भाजपा ने उन्हें मनाने की जिम्मेदारी कृष्ण मुरारी मोघे को सौंपी है।
मध्यप्रदेश में होने जा रहे उपचुनाव से पहले भाजपा ने नेताओं का असंतोष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ताजा मामला बदनावर से सामने आया है। दरअसल 2018 के विधानसभा चुनाव में बागी होकर चुनाव लड़ने वाले राजेश अग्रवाल की फिर से भाजपा में वापसी हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय उन्हें वापस भाजपा में लेकर आए हैं।
हालांकि राजेश अग्रवाल के भाजपा में आने से बीजेपी नेताओं में असंतोष है खासतौर पर भंवरसिंह शेखावत और उनके समर्थकों के बीच। भंवरसिंह शेखावत के विरोध के कारण भाजपा भी सावधान हो गई है। पार्टी ने वरिष्ठ भाजपा नेता और बदनावर विधानसभा सीट के भाजपा प्रभारी कृष्ण मुरारी मोघे को शेखावत को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। मोघे ने शेखावत को मनाने के प्रयास प्रारंभ कर दिए। मोघे ने कहा कि उनकी इस मामले में शेखावत से चर्चा हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही वह बदनावर में जवाबदारी संभाल लेंगे।
कृष्ण मुरारी मोघे ने कहा कि भंवर सिंह शेखावत की पीड़ा स्वाभाविक है लेकिन वर्तमान हालात में राजेश अग्रवाल के बीजेपी में वापस आने से यहां अनुकूल वातावरण बना है। बता दे कि राजेश अग्रवाल ने 2018 का चुनाव बागी होकर लड़ा था और करीब 30 हजार वोट हासिल किए थे और बीजेपी की हार की वजह भी यही थी।
