इंदौर। कोरोना संकट में इंदौर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं अपनी ड्यूटी के साथ सामाजिक कार्य में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं लोगों को कोरोना से बचाने के लिए मास्क बनाकर बाँट रही हैं। उनके इस उत्साह को देखकर अन्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी आगे आ रहीं हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग का आधार स्तंभ मानी जाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं कोरोना संकट में फ्रंटलाइन फोर्स की तरह कार्य कर रही है। इंदौर में कोरोना महामारी से निपटने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं पीछे नहीं हैं। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर शुरू किए गए घर-घर सर्वे कार्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही महिलाएं लोगों में कोरोना के प्रति जागरूकता भी ला रही है।
अपनी ड्यूटी के अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं सेवा की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रहीं हैं। देवश्री दुबे, मंजू सोनी, लाजवंती शिंदे, मंजुला शेखावत सहित कई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं मास्क बनाकर लोगों में बाँट रही है। यही नहीं जब बाजार से कपड़ा मिलना बंद हो गया तो इन्होने ब्लाउज पीस के कपड़े से बनाना शुरू कर दिया।
इंदौर शहर की महू ग्रामीण एक परियोजना के अंतर्गत खातीपुरा में कार्यरत मिताली भार्गव ने प्रारंभ में 300 मास्क बनाए और वितरित किए। इसके बाद बाजार बंद होने से कपड़े नहीं मिला तो ब्लाउज पीस काटकर 120 और मास्क बनाकर वितरित किए। इसी तरह सेक्टर सिमरोल की कार्यकर्ता अनीता कोठारी ने अकेले 1000 मास्क बनाए। इसके लिए गांव के विजय पाटीदार ने कपड़ा उपलब्ध करवाया।
इसी क्रम में हरसोला की कार्यकर्ता रीना राठौर, सरस्वती पाटीदार, अनीता मोहरिया, दूर्गा दुबे, मीनाक्षी व्यास, मंजू उपाध्याय, आरती सनखेर, संगीता अटारिया, दतोडा सेक्टर सिमरोल की कार्यकर्ता अनीता कोठारी, सुनीता दायमा, इंदिरा गोयल, ऋतु बामनिया सहायिका ग्राम भगोरा, अनिता चौहान सहायिका खातीपुरा महू गांव ने भी मास्क बनाकर वितरित किए है।
महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी डॉ सीएल पासी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वे में तत्परता से कार्य कर रही कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वे कार्य में सर्दी, खांसी, बुखार आदि के मरीज चिन्हित किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वे कोरोना के प्रति जागरूकता भी ला रहीं हैं। इन प्रयासों के अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं, तथा नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ढूंढने में अत्यधिक मदद मिल रही है।
