झाबुआ। कोरोना संकट के कारण पूरी रुक चुकी झाबुआ जिले की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे फिर पटरी पर आने लगी है। ग्रीन झोन में होने के कारण झाबुआ में उद्योग खुलने लगे हैं। इससे मजदूरों, किसानों और आर्थिक इकोनॉमी को फायदा हो रहा हैं।
दरअसल मध्यप्रदेश का झाबुआ जिला लगातार 36 दिनों से ग्रीन झोंन में बना हुआ है। यहीं कारण है कि 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बावजूद झाबुआ में 20 अप्रैल से नियम और शर्तों के आधार पर कुछ राहत दी गई है। इन्हीं राहतों के तहत झाबुआ में अब उद्योग भी खुलने लगे हैं। इसका फायदा स्थानीय मजदूरो और किसानो को हो रहा है। हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जा रहा है।
झाबुआ के मेघनगर इंडस्ट्री एरिया के कारखानों में सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप कर्मचारियों को कारखाने में प्रवेश दिया जा रहा है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, हाथों को सैनिटाइजर करना, प्रत्येक कार्य करने वाले व्यक्ति के तापमान की जांच करने के बाद ही मजदूरों को कारखानों में प्रवेश दिया जा रहा है।
कारखाने में कार्य करते वक्त कारखानों के मालिकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ध्यान रखते निर्देश कार्य करने वाले कर्मचारियों को दिए गए है। कोरोनावायरस से जंग में उम्मीद की नई किरण के साथ झाबुआ जिले की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे फिर पटरी पर आने लगी है, जिससे हर हाथों को काम मिलने लगा है। लॉक डाउन में राहत से पूरे जिले में हर्ष की लहर है।
