एक्सपोज़ टुडे, दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी द्वारा सदस्यों की सूची जारी कर दी गई है। इस सूची से निमाड से कांग्रेसी नेता और पूर्व संसद अरुण यादव की बिदाई हो गई है। इस सूची में एमपी से केवल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम है । निमाड में एक समय उभरते नेता रहे निमाड से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुँचे अरूण यादव को किनारे कर दिया गया है।
निमाड क्षेत्र में पूर्व सांसद अरूण यादव को राजनीति पिता सुभाष यादव से विरासत में मिली है। अरूण यादव उस वक़्त चर्चाओं में आए थे जब उन्होंने बीजेपी के क़द्दावर नेता कृष्ण मुरारी मोघे को लोकसभा चुनाव हराया था। इसके बाद वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी बने। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी रहे। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटने के बाद धीरे धीरे यादव का राजनीतिक क़द घटने लगा।
निमाड में यादव के पिता की दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष यादव वर्चस्व रहा है। यादव सहकारिता क्षेत्र से जुड़े रहे और एपेक्स बैंक के चेयरमैन रह कर प्रदेश ज़िला सहकारी बैंकों के माध्यम से सहकारिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लेकिन अब उसी निमाड में राजनीतिक परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है। पिता की विरासत दोनों बेटे अरुण और सचिन संभाल रहे हैं। कसरावद विधानसभा जहां से सुभाष यादव चुनाव लड़ते आए हैं वहां से सचिन ने 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत कर कमलनाथ सरकार में कृषि मंत्री बने।
शिवराज के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ कर हारे
अरूप यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ख़िलाफ़ बुधनी से चुनाव लड़ा था इस चुनाव में वे पराजित हुए। इसके बाद उनकी सक्रियता भी कम होने लगी ।
