एक्सपोज़ टुडे, भोपाल। मध्यप्रदेश के उप चुनावों को लेकर कांग्रेस ने 15 प्रत्याशियों की अपनी पहली सूची जारी कर भाजपा पर न सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है अपितु पहली दृष्टि में कांग्रेस के सारे प्रत्याशी भारी भरकम भी दिखाई दे रहे है।
इधर भारतीय जनता पार्टी में अंतरकलह चरम पर है, भाजपा का कोई भी स्थापित नेता सिंधिया को स्वीकारने को आज भी तैयार नहीं है, सिंधिया समर्थकों की टिकिट की घोषणा होते ही भाजपा में आंतरिक विद्रोह होने की संभावना अधिक है। हाटपीपलया में बीजेपी को दीपक जोशी को नज़र अंदाज की जीतना मुश्किल है।
मालवा निमाड में विद्रोह
बीजेपी की मालवा निमाड की सीटों पर नज़र डालें तो मांधाता में नारायण पटेल का विरोध है वहीं नेपानगर में भी स्थिति ठीक नहीं। धार की बदनावर सीट पर राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव न मतदाताओं के दिल में जगह बनाते दिख रहे हैं न बीजेपी वाले उन्हें अपनाते नज़र आ रहे हैं।
सांवेर में तुलसी सिलावट पर प्रेम चंद गुड्डू भारी हैं। सुवासरा में मंत्री हरदीप सिंह डंग का सार्वजनिक विरोध है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं में हताशा
उप चुनाव को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में कहीं भी उत्साह नज़र नहीं आ रहा क्योंकि कहा जा रहा है घराती से ज़्यादा बराती है।
कमलनाथ चुनाव के चाणक्य
कमलनाथ चुनावी राजनीति के कुशल प्रबंधक माने जाते है। अब देखना होगा उनका प्रबंधन कौशल चुनावी परिणामों में कितना कारगर साबित होगा।
