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मध्य प्रदेश में काले हिरण के मांस के तस्करी मामले में इंदौर में एक लग्जरी कार से पूरे मामले का खुलासा हुआ। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने ताबड़तोड़ मुंबई से इम्तियाज़ गैंग को पकड़ा फिर एमपी के शाजापुर जिले के राघौखेड़ी गांव निवासी आजाद सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया है।
सोलंकी ने पूछताछ में कई हैरतअंगेज़ वाले खुलासे किए हैं।पहली बार किसी आरोपी की गिरफ्तारी मप्र से हुई है।
पहले इंदौर के पास किशनगंज थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक लग्जरी कार से काले हिरण को करीब 65 किलो मांस मिला था। इसके बाद स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स लगातार इन्वेस्टिगेशन कर रही थी। काले हिरण को मारने के बाद उसकी खाल बेचने के मामले में मुंबई की इम्तियाज़ गैंग का नाम सामने आ आया। चार लोगो को मुंबई से भी अरेस्ट किया है। यह सभी इम्तियाज़ के साथी है।
दरअसल इंदौर के पास किशनगंज में 3 दिसंबर 2024 की सुबह पुलिस चैकिंग के दौरान एक लग्जरी कार से काले हिरण को करीब 65 किलो मांस मिला था। वाहन में सवार जौहर हुसैन पिता इब्राहिम निवासी मिल्लत नगर मुंबई, सलमान पिता हारून निवासी मोमिन नगर मुंबई और इम्तियाज पिता शकरी खान निवासी अंधेरी वेस्ट मुंबई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इन तस्करों ने बताया कि वे भोपाल से मांस लाए थे। इन्हीं से अन्य आरोपियों के नाम पता चले।”
शाजापुर से गिरफ्तार आजाद सिंह सोलंकी कृषक है। 250 बीघा जमीन का मालिक है। इसके इलाके में हिरण और चीतल का मूवमेंट अधिक रहता है, जो गिरोह को शिकार के लिए बुलाता था। वन विभाग के मुताबिक आरोपी आजाद सिंह सोलंकी ने बताया कि इम्तियाज एवं सलमान ने उसके खेत से ही काले हिरण का शिकार किया था। आरोपित लंबे समय से शिकार और तस्करी की गतिविधियों में शामिल था। गिरोह के सदस्यों ने तीन-चार बार शाजापुर व आसपास के क्षेत्रों में भी वन्यजीवों का शिकार किया है।”
गैंग का सरगना ओशिवारा वेस्ट मुंबई का इम्तियाज़
मित्तल नगर ओशिवारा वेस्ट मुंबई निवासी इम्तियाज पुत्र शकील खान इस गिरोह का मुख्य सरगना है। उसका गरम मसाले का कारोबार है। मसाले की आड़ में वह तस्करी करता था।”मुनावर मोमिन नगर वेस्ट मुंबई निवासी सलमान पुत्र हारुन पिपारजी की गिरोह में अहम भूमिका है। वह रेडीमेड कपड़ों का व्यवसायी है। शिकार के बाद हिरण-चीतल की खाल को प्रोसेस करने का अच्छा जानकार है।”
दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन में भी कर चुका है शिकार
“सबसे पहले गिरफ्तार हुए आरोपी इम्तियाज के बारे में टाइगर स्ट्राइक फोर्स को पता चला है कि वह दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन में भी शिकार कर चुका है। वहां भी गिरोह के कई सदस्य सक्रिय हैं। तस्करी के बाद जानवरों की खाल विदेश में बेच दी जाती थी।
शिकार के लिए 50 लाख की बंदूक़ें स्वीडन से मँगवाई, ज़मीन में गाड़ दी।
रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि शिकार करने के लिए स्वीडन से करीब 50 लाख रुपए की बंदूकें मंगवाई थीं, जिनका उपयोग वे जंगली जानवरों के शिकार में करते थे। गिरफ्तारी के बाद शिकार में इस्तेमाल की गई दो बंदूकें जब्त की गई हैं। इनमें से एक विदेशी है और दूसरी 12 बोर की भारतीय बंदूक है।”
दोनों बंदूकें भोपाल के नजदीक एक फार्म हाउस परिसर से बरामद की गईं, जहां इन्हें गड्ढा खोदकर छिपाया था। कुछ कारतूस भी मिले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि स्वीडिश गन चलाना उन्हें आमिर ने सिखाया था। वह राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज है।”
मोबाइल में मिले मृत जानवरों के फोटो
टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने इम्तियाज, सलमान और जौहर हुसैन से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क में भी शिकार किया गया था, जहां वे सांभर और बारहसिंगा के शिकार के लिए जाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य भोपाल के अलावा मुंबई के माहिम, अंधेरी और भयंदर में सक्रिय हैं। वहीं, जून 2025 में इम्तियाज के मोबाइल से हिरण, चीतल और बारहसिंगा के शिकार से जुड़े फोटो और वीडियो मिले थे। फोर्स ने तस्करों के पास से स्वीडिश गन भी बरामद की थी।”जानकारी के मुताबिक इम्तियाज के मोबाइल का डाटा भी पूरी तरह से रिकवर हो गया है। बाकी आरोपियों के मोबाइल का डाटा रिकवर होना बाकी है।”
कई प्रभावशाली लोग होंगे बेनक़ाब
गैंग ने कई राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवारों के नाम भी बताए हैं। हालांकि, इस मामले में अधिकारी कुछ भी बताने से मना कर रहे हैं। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि हिरण, चीतल और सांभर की खाल मुंबई के अलावा अन्य राज्यों में भी बेची जाती थी। काले हिरण का मांस देश में बेचने के साथ-साथ यह लोग उसे अरब देशों में भी सप्लाई करते थे।
यह है मुंबई की इम्तियाज़ गैंग
“मित्तल नगर ओशिवारा वेस्ट मुंबई निवासी इम्तियाज पुत्र शकील खान इस गिरोह का मुख्य सरगना है। उसका गरम मसाले का कारोबार है। मसाले की आड़ में वह तस्करी करता था।”
“मुनावर मोमिन नगर वेस्ट मुंबई निवासी सलमान पुत्र हारुन पिपारजी की गिरोह में अहम भूमिका है। वह रेडीमेड कपड़ों का व्यवसायी है। शिकार के बाद हिरण-चीतल की खाल को प्रोसेस करने का अच्छा जानकार है।”
“मित्तल नगर वेस्ट मुंबई निवासी जौहर पुत्र इब्राहिम हुसैन व्यवसायी है, जो वन्यप्राणियों की गतिविधियों का पता लगाता है।”
“जोगेश्वरी मुंबई निवासी सबाह पुत्र सलाउद्दीन भी गिरोह का सदस्य है, जो मुंबई में निजी एयरलाइंस कंपनी के दफ्तर में काम करता है। ग्राहकों से संपर्क कर सौदेबाजी करता था।”
“शाजापुर निवासी आजाद सिंह सोलंकी कृषक है। 250 बीघा जमीन का मालिक है। इसके इलाके में हिरण और चीतल का मूवमेंट अधिक रहता है, जो गिरोह को शिकार के लिए बुलाता था।”
